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किडनी कांड में नया खुलासा: यूपी में जांच, दिल्ली में ट्रांसप्लांट, गुर्दा बदलने के तुरंत बाद होता था ये काम

Thu, 02 Apr 2026 10:23 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

Kidney Transplant Racket Case: कानपुर के किडनी कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। मेरठ के अल्फा में जांच होती थीं। जबकि दिल्ली के दो अस्पतालों में किडनी प्रत्यारोपण होता था। पुलिस और सीएमओ कार्यालय के डॉक्टरों की टीम के सामने आयुष, शिवम अग्रवाल और अन्य आरोपियों  बड़े राज खोले हैं।
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Kidney Racket Exposed - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के नर्सिंगहोम में अनधिकृत तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट का खेल चल रहा है। यहां डॉक्टर और सर्जन कहीं और से बुलाए जाते हैं। सर्जरी दूसरी जगह पर होती है। इसके बाद किडनी रोगियों व डोनर का इलाज किसी अन्य नर्सिंगहोम में किया जाता है। 

यह जानकारी पुलिस और सीएमओ कार्यालय के डॉक्टरों की टीम को आयुष, शिवम अग्रवाल और अन्य आरोपियों से पूछताछ से मिली है। इन लोगों ने मेरठ के अल्फा हॉस्पिटल में जांचें कराने व दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों में कई किडनी ट्रांसप्लांट होने का खुलासा किया है। यह अस्पताल किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अधिकृत नहीं हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आयुष और शिवम अग्रवाल ने पूछताछ में डॉ. अफजल और डॉ. वैभव की जानकारी दी है। दोनों का कहना है कि डॉ. अफजल और डॉ. वैभव बड़ी संख्या में किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके हैं। 

 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अल्फा हॉस्पिटल में डोनर और किडनी रोगियों की जांचें हुई। उनकी सर्जरी की प्लानिंग की गई फिर उन्हें दिल्ली के दो बड़े अस्पतालों में भेजा गया। यहां पर ऑपरेशन के तुरंत बाद गुर्दा रोगी और डोनर की दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाता था। 

 

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प्रिया हॉस्पिटल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग की सख्ती की वजह से किडनी प्रत्यारोपण दूसरे शहरों में किया गया। पुलिस की टीम अल्फा हॉस्पिटल के साथ दिल्ली के दोनों अस्पतालों से साक्ष्य जुटा रही है।
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हैलट में किडनी डोनर आयुष चौधरी की जांच करते प्राचार्य डॉ. काला और अन्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुंबई और दक्षिण भारत के अस्पताल की चेन मिली
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि अनधिकृत तरीके से किया जा रहा गुर्दा प्रत्यारोपण का केंद्र दिल्ली एनसीआर है लेकिन इसकी जड़ें दक्षिण भारत तक फैली हुई हैं। 

 
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मेड लाइफ हॉस्पिटल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जांच में मुंबई का अस्पताल और दक्षिण भारत के अस्पताल समूह भी जुड़े होने की जानकारी आई है। हालांकि, अब तक सीधे तौर पर इन अस्पतालों के साक्ष्य नहीं मिल सके हैं।
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आहूजा हॉस्पिटल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यह गुर्दा प्रत्यारोपण बाले रोगियों को दिल्ली के डॉक्टरों से संपर्क कराते थे और उनका प्रत्यारोपण भी होता था। साउथ अफ्रीका की अरेबिका भी इसी अस्पताल की चेन के संपर्क में आकर प्रत्यारोपण कराने के लिए कानपुर आई थी। इस अस्पताल का कार्यालय चेन्नई में है।
 

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मान्या हॉस्पिटल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नवंबर में अस्पताल का लाइसेंस किया गया था निलंबित
मेरठ के तीन डॉक्टरों डॉ. अफजल, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अमित और डॉ. वैभव मुद्गल को पुलिस तलाश रही है। ये तीनों मंगल पांडेय नगर स्थित अल्फा हॉस्पिटल से जुड़े बताए गए हैं। इस अस्पताल पर पहले भी उपचार में लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। 
 

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मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पारुल की जांच करते मैडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे ही एक मामले की शिकायत होने पर सीएमओ ने 28 नवंबर 2025 को अल्फा हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया था। सीएमओ ने उस दौरान गाजियाबाद निवासी हरद्वारी लाल की शिकायत पर यह कार्रवाई की थी सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि इस मामले में आरोप साबित न होने पर पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी थी। 

 

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अस्पताल में मौजूद पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएमओ ने अल्फा अस्पताल प्रबंधन को भेजा नोटिस, मांगा स्पष्टीकरण
कानपुर के किडनी प्रकरण में नाम आने के बाद सीएमओ ने गढ़ रोड पर मंगल पांडे नगर स्थित अल्फा अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिन के भीतर जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। 

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इसी अस्पताल में चल रहा था किडनी कांड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि प्रकाश में आया कि अल्फा अस्पताल के तार कानपुर के किडनी प्रकरण से जुड़े हैं। इसमें फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. अमित कुमार, दंत चिकित्सक डॉ. वैभव मुद्गल और डॉ. अफजल नामजद हुए हैं। अस्पताल से जुड़े विक्की चौहान, विजय गुप्ता, इनाम, नासिर, परवेज और फरियाद के नाम संज्ञान में आए हैं।

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kanpur kidney scam - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एनसीआर में पुलिस का डेरा, डॉक्टरों के खिलाफ लुकआउट नोटिस
अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में मेरठ, नोएडा और दिल्ली के नर्सिंगहोम से जुड़े डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं। डॉ. अफजाल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव, डॉ. अनुराग ऊर्फ अमित की तलाश में एनसीआर और देहरादून में कानपुर पुलिस ने डेरा डाल दिया है। आरोपी डॉक्टर अपने संभावित ठिकानों से फरार हैं। इनके विदेश भागने की आशंका पर पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है।

 

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जांच के लिए पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केशवपुरम के आहूजा अस्पताल में 29 मार्च की रात मुजफ्फनगर की पारुल तोमर को बिहार निवासी आयुष की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी। इस मामले में आहूजा डॉक्टर दंपती समेत छह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

 

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इसी अस्पताल में चल रहा था किडनी कांड - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपियों से हुई पूछताछ में डॉ. अफजल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ डॉ. अमित का नाम सामने आया है। डॉ. रोहित और उनकी टीम के किडनी ट्रांसप्लांट के समय आने के सुबूत मिले हैं।

 

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कानपुर किडनी कांड का मामला - फोटो : amar ujala
जांच में पता चला है कि डॉ. रोहित ने ही किडनी ट्रांसप्लांट के समय अस्पताल के स्टाफ की छुट्टी करने और सीसीटीवी कैमरों को बंद करने के लिए कहा था। डॉ. अफजल, डॉ. वैभव और डॉ. अमित मेरठ के अल्फा अस्पताल से भी जुड़े हैं। उनका संबंध अन्य अस्पतालों से भी है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

 

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आहूजा हॉस्पिटल और डॉ. प्रीति आहूजा - फोटो : amar ujala
संभावित ठिकानों से फरार हैं आरोपी 
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक बुधवार को नोएडा, मेरठ और देहरादून में डॉ. अफजल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई लेकिन कोई नहीं मिला। उनके परिजन और रिश्तेदारों को जांच में सहयोग करने के लिए कहा गया है।

 

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala
वित्तीय लेनदेन की जानकारी मांगी
चारों डॉक्टर और एनसीआर क्षेत्र के कुछ नर्सिंगहोम संचालकों के बैंक खातों के ट्रांजेक्शन की डिटेल मांगी गई है। उनके बैंक अकाउंट में आई रकम के स्रोत जानने के लिए बैंक अधिकारियों को ईमेल किया गया है। आयकर विभाग से भी सहयोग मांगा गया है।
 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : amar ujala
किडनी कांड के आरोपियों के तार दिल्ली एनसीआर के अलावा अन्य शहरों से जुड़े होने की जानकारी आ रही है। कमिश्नरी पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित ठिकानों में दबिश दी जा रही है। रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त, कानपुर


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