किडनी कांड की जांच करने वाली पहली एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) सवालों के घेरे में है। पैसे लेने और जांच में लापरवाही के आरोप में एसएसपी अनंत देव ने मंगलवार को एसआईटी प्रभारी सीओ गोविंद नगर को हटाकर सीओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। बर्रा इंस्पेक्टर और दो दरोगाओं को लाइन हाजिर भी किया है।
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आईजी के आदेश पर प्राथमिक जांच के आधार पर एसएसपी ने यह कार्रवाई की है। मामले की जांच अभी जारी है। बर्रा पुलिस ने 17 फरवरी को किडनी कांड का खुलासा किया था। एसएसपी अनंत देव ने खुलासे के दूसरे दिन सीओ गोविंदनगर आरके चतुर्वेदी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी।
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किडनी रैकट केस में खाकी भी फंसी
- फोटो : अमर उजाला
इसमें बर्रा इंस्पेक्टर अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसएसआई राम खिलाड़ी और नौबस्ता थाने के एसएसआई विशेष कुमार व अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। मामले में जेल भेजे जा चुके हमीरपुर मौदहा निवासी हेड कांस्टेबल के बेटे जुनैद ने एसआईटी पर पैसे लेने का आरोप लगाया था। अधिकारियों के पास कई और शिकायतें भी पहुंची थीं। इसके बाद आईजी आलोक सिंह ने एसएसपी अनंत देव को जांच के आदेश दिए थे। एसएसपी ने बताया कि किडनी कांड की जांच प्रभावित न हो, इसलिए इन सभी को हटाया गया है। साथ ही आरोपों की जांच की जा रही है।
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पुलिस के साथ डॉक्टर दीपक
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए भंग की थी एसआईटी
आरोपों के चलते करीब दो सप्ताह पहले आईजी के आदेश पर एसएसपी ने पहली एसआईटी को भंग कर दिया था। विवेचक बर्रा इंस्पेक्टर अतुल कुमार श्रीवास्तव को भी विवेचना से हटा दिया था। इसके बाद दूसरी एसआईटी गठित की गई थी। वर्तमान में मामले की विवेचना फजलगंज इंस्पेक्टर अनुराग मिश्रा कर रहे हैं।
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पुलिस ने डॉक्टर दीपक को किया गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
क्या निगरानी कर रहीं थी एसपी साउथ
सीओ गोविंद नगर के नेतृत्व में बनी एसआईटी की निगरानी एसपी साउथ रवीना त्यागी कर रहीं थीं। अब जिस तरह के आरोप एसआईटी प्रभारी सहित टीम के अन्य पुलिसकर्मियों पर लगे हैं, उससे सवाल उठता है कि आखिर एसपी साउथ एसआईटी की निगरानी कैसे कर रही थीं। निगरानी के बावजूद पुलिसकर्मी हेरफेर करते रहे और वह बेखबर रहीं।
जांच के लिए बनी एसआईटी टीम पर हुई कार्रवाई
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किडनी कांड में खेल करने वालों पर और बड़ी कार्रवाई होनी तय
मामले में अभी जांच जारी है। एसआईटी के अन्य सदस्यों के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। यदि आरोपों से संबंधित साक्ष्य मिलते हैं तो उन पर भी कार्रवाई होगी। वहीं एसआईटी के जिन पुलिसकर्मियों पर आरोपों की पुष्टि हुई, उन पर निलंबन की भी कार्रवाई हो सकती है।