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जुड़वा भाइयाें का अपहरणः माता-पिता ही हालत देख नहीं रुकते हैं लोगों के आंसू...

Thu, 14 Feb 2019 06:10 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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जुड़वा भाइयाें के अपहरण से परिजनों हाल बेहाल है। परिजनों के चेहरे रो-रोकर सूज गए हैं। यूपी के चित्रकूट जिले में प्रियांश और श्रेयांस की मां बबिता और पिता बृजेश के आंसू सूख से गए हैं। अपहृत बच्चों के दो बडे़ भाई देवांश और शिवांश घर के दरवाजे पर हर आने-जाने वालों को एकटक निहारते हैं। मानो वे पूंछ रहे हों कि उनके छोटे भाइयों को लाए हो क्या। घर में सांत्वना देने आने वालों का तांता लगा है। परिजन इसी बात से परेशान है कि आखिर कौन और किस कारण उनकी आंखों के तारों को उठा ले गया। अभी कोई सुराग नहीं लगा है।
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अपहृत भाइयों की चचेरी बहन प्रत्यक्षदर्शी नंदिनी से कुछ भी पूछो तो वह शांत हो जाती है। बमुश्किल बताया कि एक आदमी पिस्टल लेकर आया और गाली देकर चुप रहने को कहा। वह भाई के पीछे वाली सीट पर बैठी थी। अपहरणकर्ता आया और दोनों भाई को सीट से उठाकर ले गया। उनके बस्ते सीट पर ही रखे रहे, जिसे वह लेकर घर पहुंची। आईजी रींवा चंचल शेखर ने दावा किया कि लगभग यह स्पष्ट हो रहा है कि अपहरण में किसी नामी डकैत गैंग का हाथ नहीं है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर है।
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सदगुरु सेवा संघ के स्कूल से जिन छात्रों का अपहरण हुआ है, उनके पिता तेल का कारोबार करते हैं। इस घटना को लेकर धर्मनगरी में तेल के कारोबार को लेकर चर्चा की जा रही है। इनके परिवार के गंगा प्रसाद ने तृप्ती सेवा संस्थान के माध्यम से हिमशंकर विजय तेल का व्यापार शुरू किया था। इसमें उनके चार पुत्र भी साथ में कार्य करने लगे, जिससे यह कारोबार फलने फूलने लगा। उनकी सफलता को देखकर कई अन्य व्यापारियों ने इसका व्यवसाय शुरू किया, जिससे आज चित्रकूट में एक दर्जन से अधिक नाम के तेल कामद्गिरी परिक्रमा मार्ग के पास मिल रहे।

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छात्रों के अपहरण की घटना एमपी क्षेत्र के सद्गुरु पब्लिक स्कूल परिसर से हुई है, लेकिन अपहृत छात्रों का घर यूपी सीमा में रामघाट के पास बना है। इससे एमपी क्षेत्र की पुलिस को मामला का खुलासा करने में मशक्कत करनी पड़ रही है।
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कहा जा रहा है कि इस अपहरण में यूपी के किसी गैंग के सदस्यों का हाथ हो सकता है यदि यूपी पुलिस सक्रियता से कार्य करे तो जल्द ही अपहृत बच्चों को छुड़ाया जा सकता है।
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