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Kidnapping Case: आंखों में आंसू और लड़खड़ाती जुबान से बोला पिता, ले लेते फिरौती, बेटे को क्यों मार डाला...?

Fri, 31 Jul 2020 02:06 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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kidnapping case - फोटो : amar ujala
ब्रजेश के पिता शिवनाथ का अभी भी रोकर बुरा हाल है। वह घर पहुंचने वाले हर व्यक्ति से एक ही बात कहते हैं कि अपहरण करने वाले फिरौती ले लेते, बेटे को क्यों मार डाला। उसकी तो किसी से कोई रंजिश भी नहीं थी। उसने परिजनों के साथ मिलकर फिरौती देने के लिए खेती और गहने बेचने का इंतजाम कर लिया था। बस अपहरणकर्ताओं के फोन का इंतजार करते रहे।

 
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Kidnapping Case - फोटो : amar ujala
चौरा गांव निवासी शिवनाथ पाल ने बताया कि पुलिस अपना काम कर रही थी, लेकिन हम लोग फिरौती लेने के लिए अपहरणकर्ताओं के फोन का इंतजार कर रहे थे। उनके पास 20 लाख रुपये नहीं थे, लेकिन रिश्तेदार पैसा जुटाने को तैयार हो गए थे। रिश्तेदार बार-बार फोन कर पूछ रहे थे कि रुपये लेकर कब आ जाएं।

 
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Kidnapping Case - फोटो : amar ujala
उनसे कहा था कि अपहरणकर्ताओं का फोन आने के बाद सभी को बता देंगे। सोचा था कि फिरौती देकर बेटे को छुड़ाने के बाद जमीन बेच कर कर्ज चुका देंगे। यह बात वह पुलिस को भी नहीं बताना चाहते थे। हत्यारा तो ब्रजेश का साथी ही निकला। फिरौती की एक बार मांग करके उसी दिन हत्या भी कर दी।

 

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Kidnapping Case - फोटो : amar ujala
इसमें और लोग भी शामिल हैं। सभी को सजा मिलनी चाहिए। सुबोध सचान किसी दबाव में घटना को अकेले अंजाम देने की बात स्वीकार रहा है। ब्रजेश कंप्यूटर, टीवी की मरम्मत और बिजली की वायरिंग कर लेता था। जब भी गांव का कोई उसे बुलाता तो तुरंत चला जाता था।

 
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Kidnapping Case - फोटो : amar ujala
ससुराल से रुपये मंगाने की बात कर ली थी
बहन अनीता ने भाई को छुड़ाने के लिए ससुराल से रुपये मंगाने की बात कर ली थी। भाई ब्रजेश को छुड़ाने के लिए। कहा कि उसने अपने सब गहने बेच देने के लिए तैयारी कर ली थी। सहयोग करने के लिए सभी रिश्तेदार तैयार थे। हत्यारों ने वह मौका भी नहीं दिया। परिवार के लोग अलग-अलग ब्रजेश के मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास करते रहे। वह बंद बताता रहा।
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