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Kanpur Violence: कानपुर हिंसा में चौंकाने वाला खुलासा, व्हाट्सएप चैट...पीएफआई सदस्य व हयात की बातचीत की सीडीआर से सामने आया बड़ा सच

Wed, 08 Jun 2022 08:29 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
कानपुर की नई सड़क पर हुए बवाल की साजिश में पीएफआई का भी हाथ था इसका खुलासा मंगलवार को हो गया है। पुलिस ने जिन तीन पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार किया वह पहले भी सीएए हिंसा में जेल जा चुके हैं। बवाल मामले में जब तहकीकात शुरू हुई तो मोबाइल नंबरों की सीडीआर व व्हाट्सएप चैट से इन तीनों के शामिल होने की पुष्टि हुई। उसी आधार पर इनको गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बजरिया निवासी मोहम्मद उमर, फीलखाना निवासी सैफुल्ला, कर्नलगंज के मोहम्मद नसीम अहमद को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना ने बताया कि ये तीनों हयात जफर हाशमी के संपर्क में थे। बाजार बंदी व बवाल को लेकर आपस में लगातार बातचीत कर रहे थे, जिसके इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। एक तरह से साजिश में ये भी शामिल रहे हैं। यह पीएफआई के सदस्य हैं। दिसंबर 2020 में हुई सीएए के विरोध में हिंसा के मामले में भी ये जेल भेजे गए थे। 
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आरोपियों की कोर्ट में पेशी - फोटो : अमर उजाला
एक लापता, एक बीमार, कई और भी शामिल 
पुलिस के मुताबिक जेल भेजे गए तीनों पीएफआई सदस्यों के अलावा दो और सदस्य हैं। जिसमें एक बीमार है और एक लापता है। ये दोनों भी सीएए हिंसा के मामले में जेल गए थे। 

 
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हिंसा का आरोपी हयात जफर हाशमी - फोटो : अमर उजाला
फरार होने वाले की तलाश की जा रही है। सीपी ने बताया कि जानकारी के मुताबिक कई और पीएफआई के सदस्य शहर में हैं। जिनके संपर्क में हयात एंड कंपनी भी है। सभी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सुबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 

 

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पथराव करते उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
जेल से छूटे मगर हरकतें नहीं छोड़ी
सीएए हिंसा के मामले में पांचों पीएफआई सदस्य जेल गए थे। बाद में जमानत पर छूट गए थे। बवाल में नाम आने के बाद एक बात स्पष्ट हो गई कि आरोपी जेल से छूटे लेकिन हरकतें नहीं छोड़ीं। सूत्रों के मुताबिक पीएफआई के प्रमुख पदाधिकारियों के सीधे संपर्क में ये आरोपी। पुलिस अब इनकी पूरी कुंडली खंगालेगी। इनके खाते भी खंगाले जाएंगे। 
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में शुक्रवार को कानपुर की नई सड़क पर जुमे की नमाज के बाद भारी बवाल हो गया था। विरोध में शामिल समुदाय विशेष के लोगों ने जबरन दुकानें बंद कराने के साथ दूसरे समुदाय के हाते में दाखिल हो गए। इससे दूसरे समुदाय के लोग भड़क गए और उनको खदेड़ने लगे। 

 
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
कुछ मिनट बाद दोनों तरफ से जमकर पत्थरबाजी होने लगी। एक पक्ष की तरफ से फायरिंग के साथ पेट्रोल बम फेंके गए। रात करीब सात बजे तक गलियों में इसी तरह से बवाल होता रहा। बमुश्किल पुलिस हालात काबू कर सकी। बवाल में 30 से अधिक घायल हुए हैं। 18 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। 12 कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई है। 

 
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
ताबड़तोड़ चलीं गोलियां, पेट्रोल बम से हमला
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कई लोगों पर हमला किया। ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग भी की। पेट्रोल बम भी फेंके। अन्य कई तरह के बम भी दागे। बम की तीव्रता इतनी थी कि एक डिवाइडर भी टूट गया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। 
 
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Kanpur Violence - फोटो : अमर उजाला
रुक-रुक के किया पथराव, पुलिस पर भी हमला
पुलिस के खदेड़ने पर बवाल करने वाले गलियों में घुस गए। वहां से पथराव शुरू किया। जब पुलिस वहां दाखिल हुई तो सामने के अलावा छतों से पथराव करने लगे। पुलिस व पीएसी के जवानों ने आंसू गैस के गोले दागे। लाठीचार्ज किया। इसके बावजूद हालात काबू नहीं हो रहे थे। भीड़ रुक-रुक कर पथराव कर पुलिसकर्मियों को निशाना बना रही थी। करीब पांच घंटे बाद बवाल शांत हो सका। तब पुलिस ने रूट मार्च शुरू किया। 
 
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