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विनीत मिनोचा मर्डर: न पुलिस को पता न परिजनों को, कोर्ट में खारिज भी हो गई आरोपी विशाल की जमानत, वकील से पूछताछ

Sat, 19 Sep 2026 03:58 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Murder News: दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड के मुख्य आरोपी विशाल गौतम की बिना परिजनों और पुलिस की जानकारी के जमानत अर्जी सीजेएम कोर्ट में दाखिल होकर खारिज भी हो गई। परिजनों की जानकारी के बिना अर्जी दाखिल होने और इस पूरे खेल में वादी मुकदमा पर साजिश के आरोपों के बाद हड़कंप मच गया है। 
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दवा कारोबारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala

कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड के मुख्य आरोपी विशाल गौतम की जमानत अर्जी सीजेएम की कोर्ट में दाखिल हुई और खारिज भी हो गई, लेकिन तीन दिन तक न तो पुलिस और न ही विशाल के परिजन को इसकी भनक लगी। शुक्रवार को जब विशाल की मां सुशीला ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर बिना उसकी जानकारी के किसी के द्वारा फर्जी तरीके से जमानत दाखिल करने का आरोप लगाया, तब पुलिस की भी नींद टूटी।
सीपी रघुबीर लाल ने तत्काल ही अर्जी लगाने वाले अधिवक्ता को बुलाकर पूछताछ की। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि मर्डर केस में विशाल को जेल से बाहर कौन निकालना चाहता है और इसमें उसका क्या फायदा है। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि सभी बिंदुओं की जांच कराई जा रही है। कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित फ्लैट में कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या पांच सितंबर की देर रात हुई थी।

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दवा कारोबारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala

विवेचक को तीन दिन तक नहीं लगी भनक
मामले में पुलिस ने विनीत की बहू शालू, उनके पुराने नौकर विशाल और उसके साथी राजकिशोर को जेल भेजा गया था। घटना के बाद से विशाल जेल में ही बंद है। इस बीच 15 सितंबर को विशाल की जमानत अर्जी सीजेएम कोर्ट से खारिज हो गई। विवेचक को तीन दिन तक इसकी भनक तक नहीं लगी। शुक्रवार को जब विशाल की मां ने सीपी कार्यालय पहुंचकर किसी व्यक्ति द्वारा फर्जी तरीके से अर्जी दाखिल करने का आरोप लगाया।

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दवा कारोबारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala

अधिवक्ता को सीपी ने बुलाकर पूछताछ की
इतना ही नहीं इन सबके पीछे वादी मुकदमा सुब्रत का हाथ होने का आरोप भी मढ़ा। जमानत कराने वाले अधिवक्ता को सीपी ने बुलाकर पूछताछ की। अधिवक्ता का कहना है कि विशाल की अनुमति के बाद ही उन्होंने विशाल की जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की थी। विशाल के जेल जाने के बाद उनके जूनियर अधिवक्ता ने विशाल की पैरवी के लिए उनकी मां से मुलाकात की थी।

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दवा कारोबारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala

विशाल ने अपनी पैरवी के लिए नियुक्त किया
उन्होंने एक-दो दिन में सोचकर बताने की बात कही थी। इसी बीच वह विशाल से जेल में मुलाकात करने पहुंचे जहां विशाल ने उन्हें ही अपनी पैरवी के लिए नियुक्त किया। विशाल ने अपने जानने वाले ऑटो चालक आदित्य कौल के माध्यम से उसका शपथपत्र लेने को कहा था। अधिवक्ता इस सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि आखिर उन्हें किसने विशाल और उसकी मां से मिलने के लिए कहा था।

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दवा कारोबारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala

विशाल की मां बोली-पड़ रहा दबाव
हरबंशमोहाल के मथुरी मोहाल की रहने वाली विशाल की मां सुशीला का आरोप था कि जेल में बंद उनके बेटे विशाल की जमानत व पैरवी के लिए अब तक उनकी या उनके परिवार की ओर से कोई भी अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया गया है। उन्हें आशंका है कि वादी मुकदमा द्वारा उसके बेटे को जालसाजी में फंसाने के उद्देश्य से पूरा खेल रचा गया। सुशीला ने कहा कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है ताकि वह मुकदमे की पैरवी न कर पाएं और जिन्होंने अपराध किया है वह बच जाएं। हालांकि, सुशीला को अर्जी के बारे में किसने बताया इस पर भी वह कुछ स्पष्ट नहीं बता रही।

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दवा कारोबारी हत्याकांड, सीसीटीवी में कैद आरोपी - फोटो : amar ujala
सुशीला को बनाया जा रहा मोहरा
सूत्रों का कहना है कि विशाल के मोहल्ले में रहने वाले अधिवक्ता उसकी मां के संपर्क में थे और उनका मुकदमा करना चाहते थे लेकिन विशाल ने दूसरे अधिवक्ता को अपनी पैरवी के लिए नियुक्त कर दिया। मोहल्ले के अधिवक्ता से ही सुशीला को विशाल की जमानत निचली अदालत से खारिज होने की जानकारी मिली होगी। संभव है कि उनकी मां को लगा हो कि अब बेटे को जमानत नहीं मिल पाएगी। वह जेल से नहीं छूट पाएगा इसलिए वृद्धावस्था व परेशानी के चलते वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक शिकायतीपत्र लेकर पहुंच गई होंगी।
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दवा कारोबारी हत्याकांड - फोटो : amar ujala
यह सवाल भी अहम
  • विशाल के अधिवक्ता का दावा है कि सुशीला उनके बारे में जानती है तो सुशीला ने किसके कहने पर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया।
  • क्या यह सारी कवायद दो अधिवक्ताओं के बीच मुकदमा अपने पास रखने की थी या इसके पीछे कोई और कारण है।
  • सुशीला ने प्रार्थनापत्र में सीधे इसके लिए सुब्रत को क्यों दोषी ठहराया।
  • शालू की पैरवी कर रहे उनके परिवार वाले व अन्य लोग भी लगातार सुब्रत को जांच के दायरे में लाने की कोशिश में जुटे हैं। यह आरोप भी इसी का हिस्सा तो नहीं।
  • घरवालों के होते हुए भी विशाल ने किसी मोहल्ले वाले का शपथपत्र कोर्ट में दाखिल करने के लिए क्यों कहा।
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