कानपुर यूनिवर्सिटी के युवा महोत्सव का आगाज हो चुका है। पहले दिन डांस, ड्रामा का रंग जमा। हास्य नाटिका के जरिये भ्रष्टाचार पर करारा कटाक्ष किया गया। काला धन और नोट बंदी पर केंद्र सरकार के फैसले को सराहा। ग्रुप डांस भी हुआ। चित्रकारी, आन द स्पॉट पेपर और पोस्टर प्रजेंटेशन कराया गया। शास्त्रीय संगीत और लोक नृत्य की भी धूम रही।
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चित्रकारी, आन द स्पॉट पेपर और पोस्टर प्रजेंटेशन
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कानपुर यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल में ऐसे हुई मस्ती
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
चित्रकारी, आन द स्पॉट पेपर और पोस्टर प्रजेंटेशन कराया गया। शास्त्रीय संगीत और लोक नृत्य की भी धूम रही। तीन दिवसीय (9-11 दिसंबर) युवा महोत्सव का उद्घाटन शुक्रवार को इंटरनेशनल ऑडिटोरियम में कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन, प्रति कुलपति प्रो. आरसी कटियार और योग गुरु ओम प्रकाश आनंद ने किया। फिर गीत, संगीत की महफिल जमी और स्टूडेंटों ने धमाल मचाया।
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स्वच्छता अभियान, वाई-फाई और भ्रष्टाचार विरोध की मुहिम
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कानपुर यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल में ऐसे हुई मस्ती
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
हास्य नाटिका के जरिये डीजी पीजी कॉलेज की छात्राओं (समृद्धि मिश्रा, ऋचा श्रीवास्तव, प्रगति तिवारी और अंकिता) ने स्वच्छता अभियान, वाई-फाई और भ्रष्टाचार विरोध मुहिम का मामला उठाया। संदेश दिया कि अब टेंडर, कामकाज में देरी और गुणवत्ता से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सबको जिम्मेदारी से काम करना होगा। नशेबाजी से दूर रहने का संदेश भी दिया गया।
कानपुर यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल में ऐसे हुई मस्ती
- फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
नाटक प्रस्तुत करके महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने बहु का दर्द दर्शाया। बताया कि पति, सास-ससुर की अपेक्षाएं बहु से अधिक रहती हैं। पति सोचता है कि जॉब करके पैसा दिया और जिम्मेदारी खत्म। पत्नी ही बच्चों को पाले और पढ़ाई का इंतजाम देखे। परिवार की अन्य जरूरतों को भी पूरा करें। अब ऐसा नहीं है। महिलाएं भी सशक्त हैं। परिवार चलाने और संभालने की जिम्मेदारी महिला, पुरुष दोनों की होती है।