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पॉलीटेक्निकः छात्र सुसाइड केस में जांच टीम का 'अधूरा सच', 100 छात्रों के एक साथ बाल कैसे झड़े?

Tue, 04 Dec 2018 10:50 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- सीनियरों को क्लीनचिट, आत्महत्या करने वाले छात्र को बताया घर से परेशान
- पॉलिटेक्निक में छात्र की आत्महत्या मामले की जांच पूरी, जांच टीम का रैगिंग से इनकार
- कहा, घरेलू और व्यक्तिगत कारणों के चलते छात्र ने दी जान
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कानपुर राजकीय पॉलिटेक्निक में प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक शर्मा के आत्महत्या के मामले की जांच पूरी हो गई है। मंगलवार को प्रिंसिपल आरके सिंह को सौंपी गई रिपोर्ट में सीनियर छात्रों को क्लीनचिट दे दी गई है। जांच कमेटी के मुताबिक अभिषेक के साथ रैगिंग नहीं हुई थी, उसने घरेलू और व्यक्तिगत कारणों के चलते आत्महत्या की थी। जांच के दौरान इंस्टीट्यूट के 50 से ज्यादा छात्रों, कर्मचारियों और छात्रावास अधीक्षक के बयान दर्ज किए गए हैं। सभी ने अभिषेक को एकाकी स्वभाव का बताया।
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रिपोर्ट के मुताबिक कुछ छात्रों ने बताया है कि वह अपने परिवार को लेकर परेशान था। यही कारण है कि दिपावली में वह देवरिया स्थित अपने घर नहीं गया। महज 10 किलोमीटर दूर अपने दोस्त के घर मेें रुका रहा। इसके अलावा जांच कमेटी ने यह भी दावा किया है कि वह कुछ व्यक्तिगत मामलों को लेकर भी परेशान था। प्रिंसिपल का कहना है कि जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि छात्र ने खुद की समस्याओं के चलते आत्महत्या की है। आगे से कोई छात्र तनाव के चलते ऐसा कदम न उठाए, इसके लिए हॉस्टल में हर 15 दिन में छात्रों की काउंसलिंग कराई जाएगी।
 
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इन्होंने की जांच
संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष आरसी सोनी, सिविल इंजीनियरिंग के अध्यक्ष वीके पाठक, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सारस्वत और टेक्सटाइल के अध्यक्ष सीके उपाध्याय।
 

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पुलिस ने बंद की फाइल
आत्महत्या मामले में अब नवाबगंज पुलिस ने भी फाइल बंद कर दी है। थाने के एसएसआई पुष्पराज ने बताया कि चूंकि मामले में किसी भी पक्ष से कोई शिकायत नहीं की गई है। इसलिए रिपोर्ट भी नहीं दर्ज की गई। शुरुआत में मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जांच की गई लेकिन बाद में उसे भी बंद कर दिया गया। 
 
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100 से ज्यादा जूनियरों के बाल मुंडवा दिए, सीनियरों का बाल बांका नहीं हुआ
पॉलिटेक्निक में रैगिंग की बात नकारने वाली जांच रिपोर्ट और जांच टीम संदेह के घेरे में आ गई है। दरअसल, छात्र की मौत के बाद एक फोटो बहुत चर्चा में आया था। इसमें पॉलिटेक्निक के कई जूनियर छात्र गंजे थे। छात्रों ने सीनियरों पर बाल मुंडवाने का आरोप लगाया था लेकिन जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि बाल झड़ने की वजह से खुद छात्रों ने अपने बाल मुंडवाए थे। रैगिंग जैसी बात नहीं है।
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अब सवाल उठता है कि क्या 100 से ज्यादा छात्रों को एक साथ बाल झड़ने की शिकायत होगी। हालांकि इंस्टीट्यूट प्रशासन के कुछ अधिकारियों का कहना है कि अगस्त से सितंबर के बीच छात्रों के साथ रैगिंग हुई थी। इस मामले में पांच छात्रों पर रिपोर्ट भी दर्ज की जा चुकी है।
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