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Kanpur: ई-रिक्शा के लिए नो एंट्री वाला नियम, 10 फरवरी से सात जोन में बंटेगा शहर; रंगीन QR कोड तय करेगा इलाका

Fri, 30 Jan 2026 09:53 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में जाम खत्म करने के लिए 10 फरवरी से ई-रिक्शा और ई-ऑटो को थाना स्तर पर सात अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। वाहन मालिकों को पांच दस्तावेजों के आधार पर निशुल्क रंगीन क्यूआर कोड लेना होगा, जिसके बिना संचालन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
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रामादेवी चौराहा के पास ई-रिक्शा के कारण लगता है जाम - फोटो : amar ujala
कानपुर शहर में दाैड़ रहे 65 हजार ई-रिक्शा व ई-ऑटाे के लिए 10 फरवरी से नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब ई-रिक्शा और ई-ऑटो मालिक नजदीकी इलाके यानी गृह जोन में ही चला सकेंगे। इसके लिए जिले को थानास्तर पर सात जोन में बांटा जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत ई-रिक्शा और ई-ऑटो को पांच आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद रंगीन क्यूआर कोड जारी किए जाएंगे।
ये क्यूआर कोड जोन के अनुसार अलग-अलग रंगों के होंगे। बिना क्यूआर कोड या गलत जोन में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में 65 हजार में से सिर्फ 22 हजार वाहन फिट हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद न केवल यातायात सुचारू होगा, बल्कि जाम से छुटकारे और दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
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रामादेवी चौराहा के पास ई-रिक्शा के कारण लगता है जाम - फोटो : amar ujala
सड़कों और सवारियों की बेहतर जानकारी होगी
यातायात विभाग के अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय जोन में संचालन से ई-रिक्शा चालकों को भी फायदा होगा। उन्हें अपने इलाके की सड़कों और सवारियों की बेहतर जानकारी होगी। नई व्यवस्था से लोगों को असुविधा न हो इसके लिए इलाके की जरूरत के हिसाब से संख्या को घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
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घंटाघर चराहे पर सड़क पर खड़े ई रिक्शा - फोटो : amar ujala
मुफ्त मिलेगा क्यूआर कोड
ट्रैफिक कार्यालय से 10 फरवरी तक सभी को क्यूआर निशुल्क मिलेंगे। क्यूआर पाने के लिए वाहन स्वामी को रजिस्ट्रेशन, बीमा, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र देना होगा। जिनके पास पुराना क्यूआर कोड है वह भी नया क्यूआर कोड ले लें।

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घंटाघर चराहे पर सड़क पर खड़े ई रिक्शा - फोटो : amar ujala
बैठने से पहले स्कैन कर लें क्यूआर
यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई बार ई-रिक्शा चालक सवारियों के साथ अभद्रता कर देते हैं या उनका सामान गुम हो जाता है। इस लिए बैठने से पहले इन वाहनों के क्यूआर कोड स्कैन कर लें। इससे गाड़ी मालिक से जुड़ी पूरी जानकारी उनके पास रहेगी।
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बड़े चौराहे पर फुटपाथ पर लगी दुकान और ऑटो बस वाले सवारी होते और लगता है भीषण जाम - फोटो : amar ujala
10 फरवरी तक क्यूआर कोड हासिल कर लें, इसके बाद वाहन को निर्धारित जोन में ही चलाएं। दूसरे जोन में पकड़े जाने पर चालान और सीज करने जैसी कार्रवाई की जाएंगी।  -राजेश पांडेय, एडीसीपी ट्रैफिक
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गुटैया क्रासिंग से देवकी पैलेस चौराहे पर ऑटो व ई-रिक्शा चालकों ने घेर रखी है सड़क - फोटो : amar ujala

इसे भी जानें

  • शहर में कुल रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या- 19,17,168
  • दो पहिया वाहन- 14,01,986
  • कार,जीप -3,00,592
  • गुड्स कैरियर (चार पहिया)- 42,181
  • गुड्स कैरियर (तीन पहिया)- 6,655
  • ई-रिक्शा ट्राली के साथ- 5,028
  • मैक्सी कैब- 1,169 (एप बुकिंग से सवारी लेने वाले)
  • मोटर कैब- 5,495 (एप बुकिंग से सवारी लेने वाले)
  • ई-रिक्शा पैसेंजर- 48,465
  • ई-ऑटो सफेद नीला- 15,522
  • विक्रम सीएनजी- 918
  • ऑटो सीएनजी- 5,831
(सभी आंकड़े एक दिसंबर 2025 तक के हैं)
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