ठेकेदार राजेंद्र पाल को जिंदा जलाने के मामले में पुलिस को जांच के दौरान एक अहम सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें राजेंद्र आरोपी बिल्डर के घर के भीतर जाते दिख रहे हैं। उनके हाथों में एक बैग है। घर के बाहर उनका एक परिचित शख्स भी खड़ा दिख रहा है। भीतर घुसने के एक मिनट के भीतर आग की लपटें दिखने लगीं। पुलिस ने फुटेज को जांच में शामिल कर लिया है। वारदात आरोपी बिल्डर शैलेंद्र के घर के भीतर आंगन में हुई थी। शैलेंद्र के घर के भीतर या बाहर कोई भी कैमरा नहीं लगा है। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि आसपास जब तलाश की गई तो शैलेंद्र के घर के पास बने एक अपार्टमेंट में सीसीटीवी कैमरा मिला। जिसके फुटेज जुटाए। फुटेज देखा तो उसमें राजेंद्र कुर्ता पायजामा पहने जाते दिखाई दिए। उनके पीछे अधेड़ उम्र का एक शख्स भी नजर आया।
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बिल्डर के घर जाते हुए राजेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
शैलेंद्र के घर के दरवाजे पर जब वह पहुंचते हैं तो वह शख्स राजेंद्र को एक बैग देता है। उसके बाद राजेंद्र 12:08 बजे शैलेंद्र के घर में दाखिल हो जाते हैं।
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builder burnt alive contractor
- फोटो : अमर उजाला
12:09 मिनट पर वहां से लपट उठते दिखाईं दीं। यानी एक मिनट के भीतर वारदात को अंजाम दिया गया। राजेंद्र के साथ वहां कौन गया था पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।
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क्राइम सीन दोहराया, साक्ष्य जुटाए
चकेरी इंस्पेक्टर केस के विवेचक हैं। वह गुरुवार को टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। जहां पर क्राइम सीन दोहराया। साक्ष्य भी जुटाए। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। शैलेंद्र के परिवार वालों से भी पूछताछ की।
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पुलिस की लापरवाही पर आक्रोशित हैं परिजन
राजेंद्र की मौत से पूरा परिवार स्तब्ध है। पोस्टमार्टम होने के बाद गुरुवार दोपहर बाद जब शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजन बार बार यही कह रहे थे कि अगर पुलिस ने शिकायतों का संज्ञान लिया होता तो राजेंद्र जीवित होते।
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बिल्डर ने पेट्रोल डालकर ठेकेदार को जिंदा फूंका
आपको बता दें कि कानपुर के श्याम नगर में बुधवार दोपहर एक बिल्डर ने अपने घर के भीतर ही ठेकेदार को जिंदा फूंक दिया। चार घंटे तक वह जिंदगी के लिए जंग लड़ता रहा। आखिर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बिल्डर को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस की जांच में सामने आया कि 18 लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया। वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पुलिस पूछताछ कर घटना के संबंध में और अधिक जानकारी जुटा रही है। लाल बंगला एनटू रोड स्थित एमईएस कॉलोनी में राजेंद्र पाल (59) का परिवार रहता है। मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज में कार्यरत उनके बेटे अरविंद व पत्नी मीना पाल ने बताया कि राजेंद्र लेबर ठेकेदार थे।
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ठेकेदर की मौत
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श्याम नगर डी ब्लॉक निवासी बिल्डर शैलेंद्र श्रीवास्तव के साथ वह कई काम कर चुके थे। राजेंद्र को शैलेंद्र से 18 लाख रुपये लेने थे। शैलेंद्र पैसे नहीं दे रहा था। इसको लेकर करीब तीन साल से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। राजेंद्र ने उसके पास काम करना भी बंद कर दिया था। परिजनों के मुताबिक बुधवार सुबह करीब दस बजे राजेंद्र घर से निकले।
आरोपी बिल्डर शैलेंद्र और उसका मुंशी राघवेंद्र तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर करीब 12.30 बजे उनके परिजनों को घटना की जानकारी हुई। परिजनों और पुलिस ने शैलेंद्र के घर से राजेंद्र को निकाला और पहले कांशीराम और फिर उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया। शाम करीब साढ़े चार बजे राजेंद्र की मौत हो गई थी।