कानपुर शहर की जनता लॉकडाउन का पालन कितनी गंभीरता से कर रही है। इस बात की हकीकत को जानने के लिए सोमवार को हमने शहर की घनी बस्तियों में जाकर हकीकत को जाना। संवाददाता ने शारदा नगर, का ख्योरा बस्ती और छपेड़ा पुलिया का दौरा किया। क्षेत्र में भ्रमण के दौरान हमारे समाने जो तस्वीर आई वो चौकानें वाली थी।
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गोविंद नगर में भी सड़कों पर निकले लोग
- फोटो : amar ujala
क्षेत्र की मुख्य सड़कों में तो सन्नाटा था, लेकिन गली मोहल्लों में लोग बिना मास्क पहने और सोशल डिस्टेसिॆग को भूलकर चबूतरों और सड़क किनारे जमावड़ा लगाए हुए थे। कोरोना महामारी को लेकर शहर के कई इलाकों में अब भी बेपरवाही का आलम है।खासकर सघन बस्तियों में न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है और न ही कोई मास्क लगाना जरूरी समझ रहा।
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नौबस्ता के मछरिया में भी उमड़ी लोगों की भीड़
- फोटो : amar ujala
यह हालात तब है जब कोरोना को लेकर इतना हो हल्ला मचा है। लॉकडाउन के बावजूद संक्रमण का दायरा बढ़ रहा है। जिले में कोरोना से एक मौत भी हो चुकी है। अमर उजाला की पड़ताल में शहर के कई मोहल्लों की दिनचर्या इस घड़ी में भी पहले की तरह ही सामान्य दिखाई दी।
सीन-एक:
शरदा नगर एक घनी बस्ती वाला इलाका है। यहां 1:30 बजे दोपहर में लोग घरों के बाहर समूह बनाकर बैठे मिले। ऐसा नजारा सुबह 11 बजे के बाद से ही दिखने लगता है। पान और गुटका की गुमटी बाहर से बंद लेकिन चोरी छिपे बिक्री होती रही। यहां कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं दिखा।
सीन-दो:
गुरुदेव के पास ख्योरा बस्ती में लॉकडाउन के बावजूद दोपहर 2 बजे लोग पेड़ के नीचे बैठककर चर्चा करने में जुटे थे। इलाके के मुख्य मार्गों पर तो सन्नाटा था लेकिन अन्य रास्तों पर लोगों की बेधड़क आवाजाही होती रही। लोग एक दूसरे के पास सटकर बैठे थे। वहीं सड़क किनारे की दुकानों से सामान्य दिनों की तरह खरीदारी भी हो रही थी।
सीन-तीन:
छपेड़ा पुलिया इलाके में दोपहर बाद 2:30 बजे चौराहे के मुख्यमार्गों पर सन्नाटा पसरा था लेकिन यहां की दुकानों पर आसपास के लोग बैठकर बातें कर रहे थे। कोई मोबाइल पर वीडियो देख रहा था तो कोई बातचीत करने में जुटा था। इनमें बुजुर्ग ज्यादा थे। इसी बीच पुलिस की गाड़ी आ गई जिसे देख चौराहे के लोग भाग निकले।