संजीत अपहरण कांड का खुलासा पुलिस के गले की फांस बन गया है। संजीत का शव, सीसीटीवी फुटेज या कोई ठोस साक्ष्य न मिलने के कारण परिजन पहले ही खुलासे को फर्जी बता रहे हैं। अपहरण में जिस कार का इस्तेमाल होने का पुलिस ने दावा किया है, रविवार को उसे मीडिया के सामने पेश किया गया।
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शव की तलाश में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गाड़ी इतनी खटारा है कि उसे दूसरी गाड़ी से खिंचवाकर बर्रा चौकी तक लाना पड़ा। ऐसे में ये पुलिस के ये कहानी भी गले नहीं उतर रही। कार में रक्षा मंत्रालय लिखा हुआ है। 24 जुलाई को पुलिस ने दबौली वेस्ट में रहने वाले ज्ञानेंद्र के घर से फोर्ड कार बरामद की।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
दावा किया कि इसी कार से संजीत का अपहरण किया गया था, जबकि ज्ञानेंद्र के परिजनों का कहना था कि कार महीनों से कंडम हालत में घर में ही खड़ी है। पुलिस टोचन कर कार रतनलाल नगर चौकी ले गई थी। इसी तरह बर्रा चौकी भी पहुंचाई गई।
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अपहर्ताओं को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस आज लगाएगी अर्जी
संजीत अपहरण और हत्याकांड में फिरौती के लिए इस्तेमाल किया गया बैग, संजीत का मोबाइल आदि बरामद कराने के लिए पुलिस अपहर्ताओं को रिमांड पर लेने के लिए सोमवार को कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। बैग बरामद करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।
दरअसल, परिजनों ने बताया था कि 13 जुलाई को गुजैनी पुल से रेलवे लाइन पर तीस लाख रुपयों से भरा बैग फेंका गया था, जिसे अपहर्ता उठाकर फरार हो गए थे। जब परिजनों ने अपहर्ताओं से बैग के बारे में पूछा तो उन्होंने इनकार कर दिया था।