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संजीत की मां पुलिस से बोली बेटा तो चला गया, अब उसका चेहरा भी आखिरी बार नहीं देखने दोगे क्या...?

Fri, 24 Jul 2020 11:56 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
कानपुर के बर्रा से अपहृत लैब टेक्नीशियन संजीत की हत्या और उसके शव को पांडु नदी में फेंके जाने की खबर सुनकर मां बहन और पिता बदहवास हो गए हैं। मां का रो रो कर बुरा हाल है। पांडु नदी में पीएसी के गोताखोर उसके शव की तलाश कर रहे हैं। संजीत की मां ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा पुलिस की लापरवाही में बेटे की जान चली गई। पुलिस से बोलीं मेरा बेटा तो चला गया अब क्या आखिरी बार उसका चेहरा भी नहीं देखने दोगे। मेरे बेटे का शव नहीं मिला तो मैं आत्महत्या कर लूंगी। 


 
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kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (28) का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर  किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी। इसके बाद पुलिस को चकमा देकर 13 जुलाई को 30 लाख की फिरौती भी वसूल ली थी।

 
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पांडु नदी में ढूंढा जा रहा शव - फोटो : amar ujala
बृहस्पतिवार रात पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे में लाया।

 

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kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
इसके बाद उसे बंधक बना लिया। चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को कुलदीप ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया।

 
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kanpur kidnapping case - फोटो : amar ujala
तीन दिन बाद 29 जून की शाम को संजीत के पिता चमन सिंह यादव को फोन कर फिरौती मांगी गई। परिजनों ने पुलिस के कहने पर मकान, जेवर बादि बेचकर जैसे तैसे 30 लाख रुपयों की व्यवस्था की और 13 जुलाई को अपहर्ताओं के सौंप दिए लेकिन पुलिस अपहर्ताओं को नहीं पकड़ पाई और वे 30 लाख लेकर भाग गए।
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