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ज्योति हत्याकांड: 2012 में शादी...2014 में प्रेमिका के लिए पीयूष ने किया कत्ल; कोर्ट का बड़ा फैसला; पूरी कहानी

Mon, 09 Dec 2024 12:18 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर की ज्योति हत्याकांड में दोषी ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी समेत पांच दोषियों की उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। मुकदमे में आरोपी पीयूष की कथित प्रेमिका मनीषा मखीजा को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। पर्याप्त सबूत न होने के आधार पर हाईकोर्ट ने मनीषा को दोषमुक्त करार दिया है।
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Jyoti Murder Case - फोटो : अमर उजाला
जबलपुर के व्यापारी की बेटी पूजा कानपुर में व्यापारी के घर ज्योति बनकर तो आई लेकिन ज्यादा दिन तक ससुराल का सुख नहीं भोग पाई। पत्नी ने तो ज्योति बनकर ससुराल को रोशन करने की कोशिश की लेकिन पीयूष पति बनकर ज्योति से अपने जीवन को रोशन नहीं कर पाया। शादी के सिर्फ 20 माह में ही पति ने पत्नी को मौत के घाट उतारने का षड़यंत्र रच डाला। ज्योति की मौत के साथ पीयूष ने अपनी आजादी की लौ को भी बुझा दिया है अब उसे जीवन भर जेल की सीखचों में कैद रहना होगा।
 
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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
जबलपुर में 1 सितंबर 1988 को जन्मी पापा शंकरलाल नागदेव और मम्मी माया देवी उर्फ कंचन की बेटी पूजा पढ़ाई में गोल्ड मेडलिस्ट रही। 28 नवंबर 2012 को पीयूष ने पूजा संग सात फेरे लिए और उसे अपने घर की ज्योति बनाने का वचन दिया। सात जन्म तक साथ निभाने का वादा करने वाला पीयूष सिर्फ 20 माह में ही ज्योति की हत्या का षड़यंत्र रच बैठा। 
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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
27 जुलाई 2014 की रात पीयूष ने अपने मंसूबों को अंजाम दिया और भाड़े के हत्यारों से ज्योति को मौत के घाट उतरवा दिया। मासूम बनने का ढोंग रचने वाला पीयूष पुलिस की निगाहों से बच न सका और उसे जेल जाना पड़ा। छह साल जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिली लेकिन आजादी ज्यादा दिन तक उसके साथ नहीं रही। 21 अक्टूबर 2022 को सेशन कोर्ट ने पीयूष को उम्रकैद की सजा सुनाकर फिर सलाखों के पीछे भेज दिया और अब हाईकोर्ट ने भी सजा पर मोहर लगाकर पीयूष को ताउम्र जेल में रहने का फरमान सुना दिया है।

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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पीयूष से ज्यादा बातचीत होना मनीषा के षड़यंत्र में शामिल होने का सबूत नहीं
आपको बता दें कि कानपुर की ज्योति हत्याकांड में पीयूष समेत पांच दोषियों की सजा को माफ करने से जहां हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया वहीं सेशन कोर्ट द्वारा दोषी ठहराई गई मनीषा मखीजा के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की बात कहते हुए उसकी दोषमुक्त का आदेश सुनाया। हाईकोर्ट ने माना कि मनीषा, पीयूष से अच्छी तरह परिचित थी, दोनों पड़ोसी थे, दोनों में कई बार फोन से बातचीत हुई। लेकिन इससे यह नहीं माना जा सकता कि पीयूष और अन्य अभियुक्तों के बीच हत्या के लिए रचे गए षड़यंत्र में भी मनीषा शामिल थी। मनीषा की पीयूष के अलावा अन्य अभियुक्तों से कोई बातचीत भी नहीं हुई।
 
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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पीयूष-मनीषा के संबंधों के बारे में डायरी में कुछ भी नहीं लिखा
हाईकोर्ट ने कहा कि पीयूष और मनीषा की कॉल डिटेल रिपोर्ट से यह साफ है कि दोनों अक्सर बातचीत करते थे, लेकिन मनीषा की पीयूष के अलावा अन्य अभियुक्तों से किसी तरह की बातचीत के कोई सबूत नहीं हैं। पुलिस ने ज्योति की ससुराल से बरामद डायरी और उसकी स्कूल डायरी की लिखावट की मिलान के लिए एफएसएल भेजा था और एफएसएल रिपोर्ट से लिखावट की मिलान भी हो गई थी। ज्योति की डायरी में लिखी बातों से यह तो साफ है कि वह अपने वैवाहिक जीवन से खुश नहीं थी, लेकिन उसने पीयूष-मनीषा के अनैतिक संबंधों के बारे में डायरी में कुछ भी नहीं लिखा था।
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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
ज्योति के पिता ने बयान में कहा था कि पीयूष और ज्योति की शादी के पहले पीयूष और मनीषा की शादी की बातचीत भी चली थी, लेकिन कुंडली न मिलने के कारण रिश्ता तय नहीं हो सका था। बुआ ने बयान में बताया था कि ज्योति ने उन्हें बताया था कि घटना के तीन-चार दिन पहले पीयूष के फोन की घंटी बजने पर अचानक ज्योति ने फोन उठा लिया था तो मनीषा उसे पीयूष समझकर कह रही थी कि शादी के लिए एक लड़का उससे मिलने आ रहा है, उसे ज्योति को हटाना होगा। सिर्फ यह बयान पीयूष के षड़यंत्र में मनीषा के शामिल होने का पर्याप्त सबूत नहीं है। 
 
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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
अभियोजन का कहना है कि 27 जुलाई को हुई घटना से पहले भी 13 व 21 जुलाई को दो बार हत्या की योजना बनाई गई थी लेकिन सफल नहीं हो सकी। मनीषा को शादी के लिए लड़का 24 जुलाई को मिलने आने वाला था। इससे भी यह साफ है कि हत्या का षड़यंत्र पहले से रचा जा चुका था और मनीषा उसमें शामिल नहीं थी।

 

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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
ज्योति हत्याकांड: मनीषा को राहत, पीयूष समेत पांच को भुगतनी होगी उम्रकैद
कानपुर की ज्योति हत्याकांड में दोषी ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी समेत पांच दोषियों की उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। मुकदमे में आरोपी पीयूष की कथित प्रेमिका मनीषा मखीजा को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। पर्याप्त सबूत न होने के आधार पर हाईकोर्ट ने मनीषा को दोषमुक्त करार दिया है। 

मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी शंकरलाल नागदेव ने बेटी ज्योति की शादी कानपुर के बिस्कुट व्यापारी पीयूष श्यामदासानी से की थी। 27 जुलाई 2014 को ज्योति की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। पहले तो पीयूष ने पुलिस को लुटेरों द्वारा ज्योति के अपहरण की कहानी सुनाई थी लेकिन बाद में पुलिस ने पीयूष द्वारा ही षड़यंत्र के तहत भाड़े के हत्यारों से ज्योति की हत्या करवाने का खुलासा किया था। 

 

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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
इसमें पीयूष व उसकी कथित प्रेमिका मनीषा मखीजा समेत छह आरोपियों को जेल भेजा गया था। अपर जिला जज प्रथम की अदालत ने 21 अक्तूबर 2022 को पीयूष श्यामदासानी, सोनू कश्यप, रेनू उर्फ अखिलेश कनौजिया, आशीष कश्यप, अवधेश चतुर्वेदी और मनीषा मखीजा को हत्या व षड़यंत्र में शामिल होने के अपराध में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मनीषा, अवधेश और आशीष को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी जबकि पीयूष, रेनू और सोनू जेल में ही बंद हैं।
 
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ज्योति हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब अवधेश और आशीष को भी समर्पण कर जेल जाना होगा। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार सांगवान और न्यायमूर्ति मो. अजहर हुसैन इदरीसी की दो सदस्यीय खंडपीठ ने 105 पेज के फैसले में सात अपीलों का निस्तारण कर दिया। इसमें दोषियों की छह अपील के साथ ज्योति के पिता शंकरलाल नागदेव की सेशन कोर्ट द्वारा दोषमुक्त करार दिए गए अभियुक्तों पीयूष की मां पूनम, भाई मुकेश व चचेरे भाई कमलेश को भी सजा सुनाने संबंधी अपील शामिल थी।
 
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