कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ दक्षिण क्षेत्र में बाढ़ ने जिंदगी की रफ्तार रोक दी है। कहीं बिजली का उपकेंद्र पानी में डूब गया, तो कहीं गरीब मजदूरों के आशियाने जलमग्न हो गए। मर्दनपुर स्थित बिजली उपकेंद्र में पानी भरने से इससे जुड़े 56 गांवों की बिजली आपूर्ति शनिवार को बंद हो गई। पीएचसी भी जलमग्न होने से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हैं। पिपौरी-बिहारीपुरवा क्षेत्र में शुक्रवार को दो फीट तक पानी भरा था। शनिवार को यह बढ़कर तीन फीट हो गया।
पनकी एलएमएल के पीछे आश्रम के पास हालात और बदतर हैं। यहां फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों की झोपड़ियां पूरी तरह पानी से घिर गई हैं। परिवार गृहस्थी लेकर सड़क पर निकल आए। किसी ने पेड़ के नीचे आसरा लिया तो कई सड़क किनारे रात गुजारने पर मजबूर हैं। आश्रम के पास बने मंदिर तक में पानी पहुंच गया है। मेहरबान सिंह पुरवा के अलावा शनिवार को गोपालपुरवा, बर्रा आठ, गुजैनी, बनपुरवा, वरुण विहार, कपिली और बौद्ध विहार समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है।