कानपुर के चमनगंज के प्रेमनगर क्षेत्र के पांच मंजिला भवन में रविवार की रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें कारोबारी मो. दानिश, उनकी पत्नी नाजली सबा और बेटियों सबा, सारा, सिमरा, इनाया की मौत हो गई।
कानपुर के चमनगंज के प्रेमनगर के छह मंजिला भवन में हुए भीषण अग्निकांड में कारोबारी मोहम्मद दानिश, उनकी पत्नी नाजली और तीनों बेटियां सारा, सिमरा, इनाया पूरी तरह जल गईं थी। सोमवार की दोपहर दो बजे उनका पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
रविवार देर रात करीब तीन बजे मो. दानिश और उनकी पत्नी के जले हुए शव मिलने पर एंबुलेंस को भवन के बाहर खड़ा कर दिया गया। इससे कासिफ उनकी पत्नी साजिया बानो और पिता अकील को उनकी मौत की पुष्टि हो गई। यह मंजर देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए, जबकि रुंधे गले से उनको याद करने लगे।
विज्ञापन
2 of 10
सारा, सिमरा और इनाया की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
तीसरे तल से सुबह 5.20 बजे तीनों बेटियों के निकाले शव
रात के 3.30 बजे दोनों के शवों को जैसे ही उर्सला अस्पताल भेजा, परिजन एक दूसरे से लिपट-लिपटकर रोने लगे। एसडीआरफ की पांच सदस्यीय टीम ने दमकल कर्मियों के साथ आग को बुझाते हुए तीसरे तल से सुबह 5.20 बजे तीनों बेटियों के शव निकाले। एडीसीपी सेंट्रल राजेश कुमार श्रीवास्तव, एसीपी अनवरंगज अभिषेक राहुल, एसीपी सीसामऊ मंजय सिंह, एसीपी कर्नलगंज टीबी सिंह, सीएफओ दीपक शर्मा ने चमनगंज इंस्पेक्टर संजय राय के साथ बिल्डिंग को सर्च किया।
विज्ञापन
3 of 10
प्रेम नगर में एक साथ पांच जनाजे उठे
- फोटो : संवाद
पांच मंजिला भवन में आग से परिवार जला, पांच जनाजे एक साथ उठे
कानपुर के चमनगंज के प्रेमनगर क्षेत्र के पांच मंजिला भवन में रविवार की रात शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिसमें कारोबारी मो. दानिश, उनकी पत्नी नाजली सबा और बेटियों सबा, सारा, सिमरा, इनाया की मौत हो गई। यह आग रात 8:25 बजे लगी थी, जिसकी भयावह लपटें और दमघोंटू धुआं पूरे क्षेत्र में फैल गया।
इसको बुझाने में दमकल कर्मियों को नौ घंटे 10 मिनट तक मशक्कत करनी पड़ी।
4 of 10
घटना के बाद मौके पर जमा लोग
- फोटो : संवाद
आठ बजे सभी को किया गया सुपुर्दे खाक
सोमवार की सुबह 3:30 बजे एडीआरएफ की टीम ने मो. दानिश और नाजली सबा और सुबह 5:34 बजे तीनों बेटियों के शवों को बाहर निकला। एक ही परिवार के पांच शवों को देख क्षेत्र के लोग गमगीन हो गए। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने दोपहर में शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को दे दिया। रात करीब आठ बजे सभी को सुपुर्दे खाक किया गया।
विज्ञापन
5 of 10
अग्निकांड में जान गंवाने वालीं बच्चियों की नानी को सांत्वना देते परिजन
- फोटो : संवाद
एक साथ सभी के जनाजे उठे। रविवार की रात 8:20 बजे प्रेमनगर से तकिया पार्क जाने वाले मार्ग का माहौल बिल्कुल सामान्य था। महज पांच मिनट बाद ही दानिश के घर से आग की लपटें उठने लगीं। रात 8:45 बजे राहगीरों ने दमकल को जूते के कारखाने में आग लगने की सूचना दी। रात 9:15 पर दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग बुझाने का काम जारी किया।
विज्ञापन
6 of 10
आग में जला सामान
- फोटो : संवाद
एक के बाद एक फटने लगे केमिकल के ड्रम
अचानक 9:35 बजे मकान के भूतल में रखे जूतों को चिपकाने वाले केमिकल के ड्रम एक के बाद एक फटने लगे। इससे आग और विकराल हो गई। आग की भयावहता को देखते हुए 10:15 पर छह और दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। रात 10:35 तक 15 से ज्यादा थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने मोर्चो संभाला और तमाशबीनों की भीड़ को हटाने लगे।
विज्ञापन
7 of 10
आग में जला सामान
- फोटो : संवाद
11:40 बजे डीसीपी सेंट्रल दिनेश त्रिपाठी, एडीएम सिटी डॉ राजेश सिंह पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया। पांचवीं मंजिल से उठती आग की लपटों पर काबू न पाने पर दमकल कर्मियों ने रात 12:50 बजे फजलगंज फायर स्टेशन से हाइड्रोलिक प्लेटफार्म को मौके पर बुलाया। बचाव कार्य तेज हुआ, लेकिन आग में फंसे दानिश के परिवार के बचने की संभावना खत्म होने पर हैलट अस्पताल से पांच केजुएलटी बैग लेकर एंबुलेंस पहुंची।
8 of 10
कारखाने में आग लगने के बाद उठीं लपटें
- फोटो : संवाद
लपटें देख पुलिस ने लोगों को मौके से खदेड़ा
पानी की बौछार तेज होने पर देर रात 1:05 बजे आग पर काबू पा लिया। रात 1:20 पर एक बार फिर से आग भड़क उठी। तेज लपटें देख पुलिस ने लोगों को मौके से खदेड़ा। देर रात 2:05 बजे एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय टीम घटनास्थल पहुंची। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 3:30 बजे दानिश और पत्नी नाजली सबा के शव निकाले गए।
9 of 10
एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से दुखी महिलाएं रोते हुए
- फोटो : संवाद
रेस्क्यू टीम ने 5:34 बजे उनकी बेटियों सारा, सिमरा और इनाया के शव को मकान के दाहिनी ओर स्थित चप्पल के कारखाने की तरफ दीवार तोड़कर निकाला। मुख्य गेट में आग की भभक इतनी थी कि वहां से शवों को पानी के बीच निकालना संभव नहीं था।
सोमवार सुबह पोस्टमॉर्टम हाउस में 11:05 बजे पंचनामा की प्रक्रिया की गई। दोपहर 2:05 बजे शवों का पोस्टमॉर्टम शुरू हुआ। करीब दो घंटे बाद शाम 4:05 बजे शव परिजनों को सौंप दिया गया। इन्हें वह लोग घर रवाना हो गए। रात आठ बजे शवों को चमड़ा मंडी कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया।