चौबेपर के बिकरू में हुए एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने के बाद विकास दुबे ने जरायम की दुनिया से जुड़े देश के कुख्यात माफिया से गठजोड़ करने की ठान ली थी। खासकर पूर्वांचल के माफिया से जुड़ने के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
उसको पता था कि अब वो वापस पहले की स्थिति में गांव में नहीं रह पाएगा। ये खुलासा उसने पूछताछ में किया। हालांकि उसको ये नहीं पता था कि इस तरह से पुलिस उसको मार गिराएगी। पुलिस के मुताबिक विकास दुबे का कहना था कि उसने गुस्से में आकर वारदात को अंजाम दिया।
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खासतौर से उसकी खुन्नस सीओ से थी। उसने बताया कि जब वो वहां से निकला और शिवली पहुंचा तो रात भर नहीं सोया। वो लगातार टीवी पर खबरें देख रहा था। जब आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की जानकारी मिली तो उसको यकीन हो गया कि अब उसका वापस बिकरू में जाना संभव नहीं है।
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विकास का कहना था कि इसलिए उसने तय किया था कि नेता, मंत्रियों या परिचित अफसरों के जरिये पूर्वांचल के माफिया से जुड़ेगा। उनके साथ काम करेगा। उसके बाद वो बड़े स्तर की राजनीति में सक्रिय होगा। उसका कहना था कि अगर राजनीति में वो आ गया तो बचने के आसार रहेंगे।
बता दें कि चौबेपुर के बिकरू गांव में हुए एनकाउंटर के मामले में पुलिस की कार्रवाई हर दिन जारी रही है। पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर आठ दिन में छह मुठभेड़ कीं जिसमें दहशतगर्द विकास दुबे समेत छह को मार गिराया। 14 आरोपियों को जेल भेजा। जेल भेजे गए आरोपियों में दो को मुठभेड़ मे गोली लगी थी।