Kanpur encounter
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अदालत में पेशी, रिमांड की कवायद, बरामदगी का झमेला, फिर चार्जशीट दाखिल करने के बाद अदालत में गवाहों के बयान, जिरह और फैसले तक में सालों का सफर तय करना पड़ता। इसके बाद भी शहीद पुलिसकर्मियों को इंसाफ मिलता या दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड की तरह कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाकर विकास फिर बाइज्जत बरी हो जाता। यह कहना मुश्किल था।