कानपुर मुठभेड़ में पकड़े गए विकास दुबे के खास गुर्गे दया शंकर अग्निहोत्री ने चौबेपुर पुलिस की करतूत खोलकर रख दी। उसने बताया कि गुरुवार रात को दबिश से पहले थाने से ही फोन आया। इसके बाद विकास अलर्ट हो गया और उसने हमले की तैयार कर डाली। असलहा एकत्र किए, 40-50 बदमाशों को बुलवाया और छत पर तैनात कर दिया।
विज्ञापन
2 of 6
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद
- फोटो : अमर उजासा
सड़क पर जेसीबी भी खड़ी कर दी। इसके चलते ही पुलिस को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। दया शंकर ने बताया कि दबिश करीब रात एक बजे पड़ी। इसके कई घंटे पहले ही विकास को सूचना मिल गई थी। यह भी बताया गया था कि सीओ बिल्हौर दबिश का नेतृत्व कर रहे हैं। दया शंकर ने बताया कि इसके बाद विकास ने सबसे पहले उसे बुलाया।
विज्ञापन
3 of 6
कानपुर एनकाउंटर में शहीद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उससे कहा कि सभी को बुलाओ। कुछ ही देर में 40-50 बदमाश आ गए। ज्यादातर के पास असलहे थे। कुछ को विकास ने मुहैया कराए। इसके अलावा हथगोले भी बनाए गए। पुलिस जब आई तो घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया।
4 of 6
कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
कितना फोर्स, कितनी गाड़ियां सब था पता
दयाशंकर ने बताया कि फोन करने वाले शख्स ने जानकारी दी थी कि चौबेपुर, बिठूर और शिवराजपुर पुलिस आ रही है। 40 से अधिक पुलिसकर्मी हैं और हर थाने के एसओ भी हैं। इसके आधार पर उसने असलहों और आदमियों की व्यवस्था की। विकास ने पहले ही सभी को बताया था कि पुलिसकर्मियों के भीतर घुसते ही हमला करना है, जिससे वो संभल न पाएं। बाद में उनको घेरकर मारेंगे।
विज्ञापन
5 of 6
कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद, मौके पर एडीजी एलओ प्रशांत कुमार
- फोटो : amar ujala
पुलिस के गांव में घुसने की भी सूचना मिली
पुलिस अफसरों के मुताबिक शिवली रोड से जैसे ही पुलिस की जीपें गांव की तरफ मुड़ीं, विकास को इसकी भी जानकारी हो गई थी। छतों पर कोई दिखाई न दे इसके चलते स्ट्रीट लाइटें भी बंद कर दी थीं। यह सूचना किसी पुलिसकर्मी ने दी या किसी गुर्गे ने इसकी जांच चल रही है।
किसने-किसने फोन किया, जांच जारी
थाने के लगभग सभी पुलिसकर्मियों की विकास से बातचीत होती थी। जांच टीमें तफ्तीश कर रही हैं कि दबिश की जानकारी किसने-किसने दी। साक्ष्य जुटाने का काम जारी है। एसओ समेत कई पुलिसकर्मी रडार पर हैं।