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Vikas Dubey: मेरी जमीन छीनकर अपने साथी को दे दी, ग्रामीण बोले-बात-बात पर बंदूक, रायफल तान देते थे गुर्गे

Mon, 13 Jul 2020 10:48 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
न्यायिक जांच के लिए बिकरू गांव पहुंचे रिटायर्ड जस्टिस शशिकांत अग्रवाल ने सोमवार को गांव के ग्रामीणों से बातचीत की। बिकरू गांव के जमालुद्दीन ने बताया कि वह कई वर्षों से ग्राम पंचायत की दो बीघा जमीन पर खेतीबाड़ी कर अपने परिवार की गुजर बसर करते थे। लेकिन जब यह बात विकास दुबे को मालूम हुई तो उसने कुछ माह पहले ही उनकी भूमि छीनकर अपने एक साथी को दे दी। 
 
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विकास दुबे एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
रज्जाक, गफूर ने बताया कि गांव में पंचायत चुनाव में मनमुताबिक वोट और पर्चा भरने पर पंडित (विकास दुबे) के गुस्से का सामना करना पड़ता था। इम्तियाज ने भी विकास पंडित के साथ चलने वाले कई गुर्गों का नाम लेते हुए बात-बात पर बंदूक, रायफल तान देने की बात भी बताई।

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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : अमर उजाला
गांव में गुर्गों का था वर्चस्व
ग्रामीणों से कुछ पुलिस वालों ने पूछा कि जब पंडित 50 लाख की गाड़ी से चलता था। कानपुर, लखनऊ, नोएडा, दिल्ली और विदेशों में उसकी करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति थी तो फिर गांव में गरीबों पर सितम क्यों करता था। इस पर ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि पंडित (विकास दुबे) तो चार छह महीना में ही आते थे, लेकिन उनके गुर्गों का सितम बहुत था। 
 

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कानपुर एनकाउंटर - फोटो : amar ujala
पंडित के कान भरकर, गुस्सा दिलाकर भला बुरा कहलाते थे। पंडित कभी भी उनके खेतों पर नहीं गए और न ही राशन दुकान से किसी को खाली हाथ भेजा। उनके हटते ही गुर्गे गाली-गलौज, जमीन कब्जा, राशन हड़पना, साइकिल-मोबाइल छीन लेना, जबरन बैठा लेना जैसी हरकतें करते थे।
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद - फोटो : अमर उजाला
कानपुर के चौबेपुर के बिकरू कांड की जांच न्यायिक आयोग ने सोमवार से शुरू कर दी है। एकल आयोग के अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज शशिकांत अग्रवाल ने बिकरू गांव में घटनास्थल का निरीक्षण किया। विकास के जमींदोज घर का निरीक्षण करने के साथ जिस घर में डीएसपी की हत्या हुई थी और जहां पर पुलिसकर्मियों के शव जलाने की तैयारी थी, उन स्थानों की बारीकी से तफ्तीश की। 
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