कानपुर के चौबेपुर के बिकरू कांड की जांच न्यायिक आयोग ने सोमवार से शुरू कर दी है। एकल आयोग के अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज शशिकांत अग्रवाल ने बिकरू गांव में घटनास्थल का निरीक्षण किया। विकास के जमींदोज घर का निरीक्षण करने के साथ जिस घर में डीएसपी की हत्या हुई थी और जहां पर पुलिसकर्मियों के शव जलाने की तैयारी थी, उन स्थानों की बारीकी से तफ्तीश की। इस दौरान ग्रामीणों ने विकास की दहशत और जुर्म की दास्तान सुनाई।
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बिकरू पहुंची जांच आयोग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
रिटायर्ड जज शशिकांत अग्रवाल के साथ डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी और एसएसपी दिनेश कुमार पी बिकरू गांव पहुंचे। आयोग ने सबसे पहले विकास दुबे के घर की छानबीन की। उसके बाद विकास के मामा के घर गई। यहीं पर डीएसपी देवेंद्र मिश्र की नृशंस हत्या की गई थी। वहां घर की महिलाओं से बातचीत कर उस रात की घटना के बारे में जानकारी ली।
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- फोटो : amar ujala
हालांकि उन लोगों ने कुछ खास जानकारी नहीं दी। उसके बाद कुएं के पास पहुंचे। यहीं पर बदमाशों ने पांच पुलिसकर्मियों केशव एक के ऊपर एक रखे थे और उसमें आग लगाने की तैयारी की थी। मगर पुलिस फोर्स पहुंच गया था। रिटायर्ड जज को पुलिस अधिकारियों ने घटनाक्रम के बारे में पूरी जानकारी दी। उसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस में आकर अधिकारियों के साथ बैठक की।
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आपराधिक इतिहास जाना, दस्तावेज लिए
एसएसपी ने विकास दुबे का आपराधिक इतिहास आयोग के सुपुर्द किया। अब तक कितने केस हैं। उनमें क्या-क्या हुआ। किसमें सजा हुई किसमे बरी हुआ। ऐसी तमाम जानकारियां दीं। साथ ही उस रात की घटना के बारे में विस्तार से बताया। घटनास्थल का नक्शा भी बनाया गया। आयोग ने महत्वपूर्ण दस्तावेज भी कब्जे में लिये हैं। केस की एफआईआर, अब तक एनकाउंटर में मारे गए बदमाशों, जेल भेजे गए आरोपियों और फरार आरोपियों के बारे में भी जानकारी ली।
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पुरानी जांचों के बारे में ली जानकारी
आयोग ने पुलिस की भूमिका को गंभीरता से लिया है। जेल भेजे गए पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी व दरोगा केके शर्मा के कार्यकाल का विवरण लिया। उनके खिलाफ कौन-कौन सी जांचे हुईं और उनमें क्या कार्रवाई हुई। इसका भी ब्योरा लिया।
ग्रामीणों ने विकास की दहशत बताई
बिकरू गांव में आयोग के सामने आधा दर्जन ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने बताया कि किस तरह से विकास उन पर अत्याचार करता था। जमीनें कब्जा करता था। रंगदारी वसूलता था। ये सब न देने पर वो मारता था। इनके बयानों को आयोग ने दर्ज किया है।