उत्तर प्रदेश पुलिस की 100 टीमें, 75 जिलों की पुलिस और एसटीएफ की टीमें दहशतगर्द विकास दुबे को नहीं पकड़ सकीं। पुलिस-एसटीएफ की नाकामी से साबित हो गया कि सिस्टम को कदम-कदम पर दहशतगर्द ने मात दी। वो आगे-आगे चलता रहा और पुलिस ठीक से पीछा भी नहीं कर सकी। पुलिस की इस नाकामी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
नाकामी: 1
नाक के नीचे से निकला था विकास
दो जुलाई को दहशतगर्द विकास दुबे और उसके गैंग ने आठ पुलिसकर्मियों को मार दिया था। उसके बाद फरार हो गया था। दो दिन पहले फरीदाबाद पुलिस ने जब प्रभात, अंकुर और श्रवण को पकड़ा तो खुलासा हुआ कि वारदात के दो दिन बाद तक विकास दुबे शिवली में ही छिपा रहा था। साफ है कि कानपुर नगर और देहात पुलिस की नाक के नीचे विकास रहा और इनको भनक तक नहीं लगी।
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विकास दुबे फरीदाबाद में दिखा
- फोटो : अमर उजाला
नाकामी: 2
सीमाओं का सील होना केवल दिखावा
शिवली में दो दिन तक रुकने के बाद विकास हरियाणा के फरीदाबाद पहुंच गया। उसके बाद वो नोएडा होते हुए वापस यूपी आया और उज्जैन चला गया। हैरानी की बात ये है कि इतनी बड़ी वारदात के बाद पुलिस अफसरों का कहना था कि जोन के सभी जिलों की सीमाएं सील कर दी गई थीं। अन्य जिला पुलिस भी सीमाओं पर चौकसी बरत रही हैं। विकास जिला पार नहीं कर पाएगा। मगर यहां भी पुलिस को विकास ने मात दी। इधर-उधर घूमता रहा। कहीं नहीं पकड़ा गया।
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पुलिस इसी को मान रही विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
नाकामी: 3
नोएडा-फरीदाबाद में खोजते रह गए
मंगलवार को हरियाणा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज जारी कर दावा किया था कि विकास दुबे फरीदाबाद में है। पुलिस उसके पीछे लगाई है। वहां भी राज्य की सीमा पर अलर्ट जारी किया गया। मगर बुधवार को वो नोएडा पहुंच गया। ग्रेटर नोएडा में ऑटो में बैठते व उतरते उसका फुटेज वायरल हो गया। नोएडा पुलिस सक्रिय हुई और तेजी दिखाने का दावा किया। मगर विकास को पकड़ने में नाकाम रही। विकास बेखौफ होकर नोएडा से बाहर निकल सड़क के रास्ते उज्जैन पहुंच गया।
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Vikas Dubey encounter
- फोटो : अमर उजाला
नाकामी: 4
दूसरों के फोन से की बात, सर्विलांस-मुखबिर तंत्र ध्वस्त
पुलिस की जांच में पता चला कि विकास केवल एक साधारण मोबाइल इस्तेमाल करता था। उसका नंबर शिवली में ही बंद हो गया था। इसके बाद से सर्विलांस की टीम उसको ट्रेस करने में जुटी थी। मुखबिरों से भी पुलिस मदद ले रही थी। मगर कोई उस तक नहीं पहुंच सका। दरअसल विकास राह चलते लोगों का फोन मांगकर अपने परिचितों से बातचीत करता रहा। जिस कारण सर्विलांस उसको ट्रेस नहीं कर सका।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
नाकमी: 5
रसूखदार पार करवाते रहे बॉर्डर, नहीं पता चला
सूत्रों के मुताबिक शहर शहर विकास खुलेआम घूमा था। मिली जानकारी के मुताबिक उसने किसी ऐसी कार या साधन का इस्तेमाल किया है, जिसमें रसूखदार का जिक्र था। यही वजह है कि उसको कहीं रोका नहीं गया।
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अमर दुबे और विकास दुबे
- फोटो : सोशल मीडिया
नाकामी: 6
खुफिया तंत्र भी पूरी तरह फेल
बिकरू गांव में इतनी बड़ी वारदात होने वाली है, इतना असलहा इकट्ठा है। ऐसी तमाम जानकारियां जुटाने में खुफिया विभाग फेल रहा। नतीजा, दबिश के दौरान इतनी बड़ी वारदात को बदमाशों ने अंजाम दे डाला। वहीं दुर्दांत तक पहुंचने में भी खुफिया विभाग की नाकामी रही।
ये रही लापरवाही
- वारदात के बाद पुलिस ने सख्ती से सीमाएं सील नहीं कीं।
- चेकिंग के दौरान भी लापरवाही बरती गई
- एक-एक रिश्तेदारों और परिचितों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई
- कानपुर देहात पुलिस को शिवली में विकास केठहरने की जानकारी नहीं हो सकी
- कानपुर और उसके आसपास केजिलों केअलावा अन्य जिलों में पुलिस हाथ पैर मारती रही, जबकि वो शिवली में ही था।