दहशतगर्द विकास के खास गुर्गे अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन त्रिवेदी के पकड़े जाने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। कानपुर पुलिस का दावा है कि वो न तो बिकरू कांड में नामजद है और न ही उसमें वांछित। वह विकास के गैंग का सदस्य है। पर, वारदात के बाद जारी पोस्टर में गुड्डन को वांछित सूची में शामिल किया गया था।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अब जांच करने की बात कह रही है। दो जुलाई को बिकरू कांड होने के बाद शहर पुलिस ने विकास दुबे का गैंग चार्ट बनाया था। जिसमें अमर दुबे (एनकाउंटर में मारा गया), गुड्डन त्रिवेदी समेत 15 सदस्य शामिल हैं। जब गुड्डन शनिवार को पकड़ा गया तो कानपुर पुलिस ने एक बयान जारी किया।
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गुड्डन त्रिवेदी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि गुड्डन बिकरू कांड की वारदात में शामिल था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। पूछताछ भी की जाएगी। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई होगी। पर, उसका नाम न तो एफआईआर में नामजद है और न ही कांड के वांछित अपराधियों की सूची में है।
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अखिलेश के साथ गुड्डन
- फोटो : अमर उजाला
हैरानी की बात ये है कि जिस पोस्टर में गुड्डन का नाम व फोटो है, उसमें वांछित अपराधी विकास दुबे सहयोग व वांछित अभियुक्त दर्ज है। सवाल है कि फिर उसको वांछित बताने से कानपुर पुलिस कन्नी क्यों काट रही है।
गुड्डन नामजद आरोपी नहीं है। वो विकास दुबे के गैंग का सदस्य है। पूछताछ की जाएगी। बिकरू घटना में उसकी भूमिका मिलेगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर