दहशतगर्द विकास दुबे और उसके खजांची जय बाजपेई के बीच आधा दर्जन बैंक खातों के माध्यम से एक साल के भीतर करीब 75 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। यह खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। पुलिस ने इससे संबंधित सभी जानकारियां व दस्तावेज जुटा लिए हैं जिसे ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का भेजा जाएगा। इसके अलावा करोड़ों रुपये नकद लेनदेन हुआ है, जिनका कोई लेखाजोखा नहीं है।
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Vikas Dubey case
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड के बाद पुलिस ने विकास के करीबी जय बाजपेई को हिरासत में लिया है। करीब 10 दिन से पूछताछ जारी है। उसने कई राज उगले हैं। बताया है कि वह विकास की काली कमाई अलग-अलग धंधों में लगाता था। इसके बदले हर महीने एक मोटी रकम विकास को पहुंचाता था। जय ने जो रकम विकास से ली, कुछ ब्याज पर उठा दी। कुछ प्रापर्टी में लगाई। पुलिस जय के खातों का चार साल का विवरण जुटा रही है।
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जय बाजपेई
- फोटो : अमर उजाला
आईपीएल के सट्टे में लगाए पांच करोड़ रुपये
पुलिस और एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि जय बाजपेई बीसी चलाने के साथ-साथ विकास की काफी रकम सट्टे में लगाता था। आईपीएल मैच में करीब पांच करोड़ रुपये जय ने सट्टे में लगाए थे। सट्टा ऑन लाइन खेलता था। कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं कि सट्टे में विदेशी शामिल रहते थे।
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विकास दुबे एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर से हर महीने विकास को जाते थे पांच लाख
विकास का पैसा एक डॉक्टर ने भी अपने अस्पतालों में लगा रखा है। कल्याणपुर निवासी डॉक्टर हर महीने विकास को पांच से सात लाख रुपये पहुंचाता था। पुलिस और एसटीएफ ने उससे भी पूछताछ की है। करोड़ों रुपये का उनका भी लेनदेन मिला है। साक्ष्य मिलने पर डॉक्टर पर भी कार्रवाई हो सकती है।
जय पर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों?
वारदात के दो दिन बाद से ही जय पुलिस हिरासत में है। अब तक उस पर न तो केस दर्ज किया है और न ही उसे छोड़ा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जय पर पुलिस कार्रवाई करने में देर क्यों कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि विकास की उसके साथ मिलीभगत रही है। इसलिए पूछताछ की जा रही है। क्या कार्रवाई होगी, ये भी अधिकारियों ने स्पष्ट नहीं किया है।