एडीजी एलओ ने की जांच
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कई शामिल हो सकते हैं
अभी तक की जांच में पुलिसकर्मियों के अलावा उनके कारखास या एस-10 के सदस्य और पुलिस के मुखबिर भी रडार पर हैं। पुलिस अफसरों को आशंका है कि इनमें से भी कोई विकास दुबे को दबिश की जानकारी दे सकता है। इसलिए पुलिस उन सभी का ब्योरा जुटा रही है, जिन्हें दबिश की जानकारी थी। उनके मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं।
अपराधी के घर दबिश होने की जानकारी जिसने भी लीक की होगी, उस पर रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जांच जारी है। कई संदिग्ध चिह्नित किए गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर