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कानपुर एनकाउंटर: आठ मौतों के जिम्मेदार ‘विभीषण’ की तलाश तेज

Sun, 05 Jul 2020 02:14 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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एडीजी एलओ और विकास दुबे एवं मुठभेड़ में शहीद पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव मेें हुई मुठभेड़ में सीओ, एसओ समेत आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने में पुलिस को आशंका है कि दबिश की मुखबिरी के कारण ही ऐसा हुआ है। ऐसे में पुलिस अपने विभाग के ‘विभीषणों’ के बारे में पता करने में तेजी से जुट गई है। पुलिस के अलावा एस-10 सदस्य और पुलिस के मुखबिर भी रडार पर हैं।



 
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आठ पुलिसकर्मी हुए शहीद - फोटो : amar ujala
शुरुआती जांच में एक अहम बात सामने आई है कि दो दिन पहले सिपाही को पीटने के मामले में गांव में हुई पंचायत में विकास ने थानेदार विनय तिवारी पर पिस्टल तान दी, इसके बाद भी उस पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा चौबेपुर के राहुल तिवारी की तहरीर पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। दरअसल एक मामले में विकास दुबे ने चौबेपुर के सिपाही को थप्पड़ मार दिए थे।

 
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विकास दुबे (काले कोट में) - फोटो : amar ujala
जानकारी होने पर तत्कालीन थानेदार विनय तिवारी व अन्य पुलिसकर्मियों ने विकास के साथ पंचायत की थी। बात बिगड़ी तो विकास ने विनय पर पिस्टल तान दी थी। हैरानी की बात ये है कि इस घटना की जानकारी विनय ने किसी को नहीं दी। सूत्रों के अनुसार थानेदार विकास के अरदब में था। वह उसके खिलाफ न तो खुद कार्रवाई करता था और न किसी अन्य पीड़ित की तरफ से रिपोर्ट दर्ज करता था। पुलिस अफसरों ने इसको गंभीरता से लिया है। साफतौर पर थानेदार और विकास की मिलीभगत सामने आ रही है। हालांकि साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

 

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पूर्व चौबेपुर एसओ विनय तिवारी से पुलिस कर रही पूछताछ (बीच में) - फोटो : amar ujala
खुलेआम देता था धमकी
चौबेपुर पुलिस के कई सिपाही, दरोगा और थानेदार विकास के खास थे। सिपाही उसकी सेवा में लगे रहते थे। ये बातें ग्रामीणों ने बताई। उन्होंने बताया कि विकास दुबे के खिलाफ थाने में शिकायत तक दर्ज नहीं होती थी बल्कि उल्टा पीड़ित पर ही पुलिस दबाव बनाती थी। कई बार तो पुलिस के सामने ही विकास लोगों को धमकाता था।

 
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एडीजी एलओ ने की जांच - फोटो : amar ujala
कई शामिल हो सकते हैं
अभी तक की जांच में पुलिसकर्मियों के अलावा उनके कारखास या एस-10 के सदस्य और पुलिस के मुखबिर भी रडार पर हैं। पुलिस अफसरों को आशंका है कि इनमें से भी कोई विकास दुबे को दबिश की जानकारी दे सकता है। इसलिए पुलिस उन सभी का ब्योरा जुटा रही है, जिन्हें दबिश की जानकारी थी। उनके मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं।


अपराधी के घर दबिश होने की जानकारी जिसने भी लीक की होगी, उस पर रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जांच जारी है। कई संदिग्ध चिह्नित किए गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।
मोहित अग्रवाल, आईजी रेंज कानपुर 

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