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Vikas Dubey News: पुलिस से AK47 लूट चिल्लाया था विकास दुबे, गाली देकर बोला, सबको मारकर यहीं जला दो

Mon, 06 Jul 2020 06:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
कानपुर के चौबेपुर में बिकरू गांव में हुई मुठभेड़ में विकास दुबे ने भी पुलिस से सीधे मोर्चा लिया। अपने घर की छत से पुलिस पर राइफल से गोलियां चलाईं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है, इसके बाद उसके गुर्गे दया शंकर ने भी इसकी पुष्टि की है। पुलिस ने जो रिपोर्ट दर्ज की है, उसमें इसका जिक्र प्रमुखता से है।

 
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विकास ने सीओ को दी सबसे दर्दनाक मौत - फोटो : amar ujala
दया शंकर ने बताया कि उसकी राइफल विकास ने ले ली थी। पुलिस पहुंची तो विकास ने छत से इसी राइफल से फायरिंग की। जब पुलिस वाले इधर-उधर भागे तो घर के बाएं तरफ वाले गेट से विकास अपने साथियों के साथ बाहर निकला और पुलिस वालों को घेर लिया। सबसे पहले उसी ने पुलिसकर्मी की एके-47 लूटी और गोलियां चलानी शुरू कर दीं।



 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
‘मैंने कहा था पंडितजी के गांव में पुलिस नहीं घुसती’
पुलिस ने दया शंकर के हवाले से बताया कि गोली चलाते समय विकास बार-बार गाली देकर ललकार रहा था। अपने साथियों से कह रहा था कि कोई जिंदा नहीं जाना चाहिए। इनको मारकर यहीं जला दो। दयाशंकर ने बताया कि पुलिसकर्मियों को मारने के बाद विकास ने कहा कि ‘मैंने कहा था कि पंडितजी के गांव में पुलिस नहीं घुस सकती। घुसेगी तो ऐसा ही हाल होगा। इसके बाद वह फरार हो गया।

 

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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
विकास पर पड़ी थी ड्रेगन लाइट
पुलिस ने दबिश के दौरान ड्रेगन लाइटों का इस्तेमाल किया था। दावा है कि जब उन्होंने लाइट छत पर मारी तो विकास राइफल से फायरिंग करते नजर आया था। हालांकि ड्रेगन लाइट से पुलिस को भी नुकसान हुआ। लाइटों के आधार पर बदमाश उसी निशाने पर गोलियां चलाते रहे। पुलिस ने चारों तरफ से घेरने की बात कही है, फिलहाल ऐसे साक्ष्य नहीं मिले हैं। 

 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
मोबाइल जमा करवा लेता था विकास
विकास दुबे बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। बैठक की जानकारी अधिकतर व्हाट्सएप कॉल के जरिये सभी को दी जाती थी। अधिकतर लोगों को एक दूसरे के जरिये बुलाया जाता था। बगिया में सभी के इकट्ठा होने के बाद दयाशंकर खुद सभी के मोबाइल जमा करवाता था। मोबाइल इसलिए जमा करवाता था, जिससे बैठक की बातें न रिकार्ड हों या न ही उसका कोई वीडियो बन सके।
 
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