कानपुर में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्याकांड के पीछे मुखबिरी होने की बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पहले से ही मालूम हो गया था कि रात में उसके घर दबिश पड़ने वाली है।
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कानपुर एनकाउंटर
- फोटो : अमर उजाला
बदमाशों को यह तक पता था कि पुलिसवालों के पास कौन-कौन से हथियार होंगे। यही वजह थी कि बदमाशों ने घर के सामने जेसीबी खड़ी कर पुलिस का रास्ता रोक दिया था। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिसकर्मियों से बड़ी चूक हुई है।
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कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मी शहीद, मौके पर एडीजी एलओ प्रशांत कुमार
- फोटो : amar ujala
इसकी जांच की जाएगी। गांव में विकास का घर किलेनुमा है। घर के चारों तरफ बड़ी बाउंड्रीवाल है। घर में तीन तरफ से गेट है। घर के भीतर कोई देख नहीं सकता है, लेकिन छतों से पूरे गांव को देखा जा सकता है।
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इसी गांव में हुई घटना
- फोटो : amar ujala
गुरुवार रात करीब एक बजे पुलिस की टीम विकास के घर के पास पहुंची तो घर से कुछ दूर रास्ते में जेसीबी को लगाकर रास्ता रोका गया था। इसलिए पुलिस अपनी गाड़ी से मौके तक नहीं पहुंच सकी।
विकास और उसके साथी लाठी-डंडा और असलहे लेकर खड़े थे।
घटना के बाद गांव में तैनात आरएएफ
- फोटो : amar ujala
जब पुलिस टीम घर की तरफ पैदल बढ़ी तो पुलिस से उनकी झड़प हो गई। उसके बाद बदमाशों ने पुलिस के असलहों को छीनकर उन पर फायर कर दिया। विकास दुबे ने सीओ को घर के अंदर खींचकर सिर में गोली मारी। वारदात के समय करीब 50 से ज्यादा राउंड गोलियां चली हैं।