उत्तर प्रदेश में कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र को वीभत्स तरीके से मारा। हमला होते ही सीओ दीवार कूदकर एक घर में जाकर छिपे थे। बदकिस्मती से ये घर विकास के मामा का था। बदमाशों ने घर में घुसकर दीवार से सटाकर सीओ के सिर पर ताबड़तोड़ कई गोलियां मारीं।
विज्ञापन
2 of 5
इसी जगह पर की गई सीओ की हत्या
- फोटो : amar ujala
पूरा शव क्षत-विक्षत कर एक पैर भी काट दिया। घटनास्थल देख हर कोई सहम गया। विकास के घर पड़ी दबिश को सीओ देवेंद्र मिश्रा लीड कर रहे थे। हमला होते ही हर कोई इधर-उधर भागने लगा। सीओ के सामने ही तीन चार सिपाहियों को मार दिया गया। तभी सीओ एक दीवार कूदकर घर में घुस गए।
विज्ञापन
3 of 5
छिपने के लिए आए थे सीओ देवेंद्र मिश्र (शहीद)
- फोटो : amar ujala
ये घर विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय (मुठभेड़ में मारा गया, पुराना डकैत) का था। प्रेम प्रकाश ने तुरंत विकास को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आठ-दस बदमाश घर में घुसे और सीओ का सिर दीवार से सटाकर उनके सिर पर कई गोलियां दागीं। फिर घसीटकर बाहर ले गए और वहां पर भी गोली मारी। एक पैर भी काट दिया।
4 of 5
मौके से बरामद हुई पिस्टल
- फोटो : amar ujala
घायल होकर गिरे एसओ, पीठ कर दी छलनी
शिवराजपुर एसओ महेश यादव गोली लगते ही गिर गए थे। इसके बाद बदमाश वहां पहुंचे और औंधे मुंह पड़े महेश की पीठ पर दर्जनों गोलियां दागकर छलनी कर दिया। मौत होने के बाद शव को सिपाहियों के शव के ऊपर लाद दिया। पुलिस अधिकारियों को पांच शव एक के ऊपर एक रखे मिले थे।
एडीजी एलओ और विकास दुबे एवं हमले में शहीद पुलिसकर्मी
- फोटो : amar ujala
छोटे बच्चे चीखते रहे, बदमाश नहीं पिघले
जिस घर में सीओ को मारा गया वहां पर दो छोटे-छोटे बच्चे भी थे। बदमाश सीओ को मार रहे थे और बच्चे चीख रहे थे। महिलाएं डरी सहमी बैठी थीं। मगर बदमाशों ने किसी की भी नहीं सुनी और न ही उनका दिल पसीजा। ऐसा लग रहा था कि जैसे हत्या करने के इरादे से ही विकास और उसका गैंग बैठा हुआ था।