कानपुर के बिकरू गांव में गुरुवार की रात कयामत लेकर आई। गैंगस्टर विकास दुबे के घर छापा मारने गई पुलिस टीम पर हुए कातिलाना हमले के प्रत्यक्षदर्शी बिठूर थानाध्यक्ष ने हमले की आपबीती सुनाई। पिछले करीब एक दशक में पुलिस पर हुए सबसे दुस्साहसिक हमलों में शुमार कानपुर पुलिस और बदमाशों के बीच हुए एनकाउंटर में जिंदा बचे बिठूर के थानाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह आज भी वारदात को याद कर सिहर उठते हैं।
2 of 6
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
कानपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थानाध्यक्ष ने बताया, ”पुलिस दल को तनिक भी जानकारी नहीं था कि बदमाश अचानक पानी की तरह गोलियों की बौछार कर देंगे। पुलिस के पास उस हमले का जवाब देने के लायक हथियार भी नहीं थे। दूसरी ओर हमलावर पूरी तरह से तैयार थे। उन सब के पास सेमी ऑटोमेटिक हथियार थे। जैसे ही टीम गली में खड़ी की गई जेसीबी को पार कर आगे बढ़ी, छत से गोलियों की बौछार शुरू हो गई।
3 of 6
kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस कर्मियों को अंधेरे का सामना करना पड़ा जबकि हमलावरों के पास टॉर्च थी। जिनकी रोशनी सिर्फ पुलिसकर्मियों पर पड़ रही थी। पुलिस बदमाशों को देख भी नहीं पा रही थी। बिठूर थाना अध्यक्ष ने कहा, ”उन्हें फोन करके इस छापेमारी के लिए बुलाया गया था क्योंकि चौबेपुर और बिठूर एक दूसरे से सटे हुए इलाके हैं। रात करीब 12:30 बजे हम विकास दुबे के मकान पर फोर्स के साथ छापा डालने के लिए निकले थे।
4 of 6
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
हमारे साथ चौबेपुर के थानाध्यक्ष भी थे। हमने अपने वाहन विकास दुबे के घर से 200 ढाई सौ मीटर की दूरी पर खड़े किए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस जैसे ही जेसीबी वाहन को फांदकर दूसरी तरफ पहुंची, बमुश्किल एक मिनट के अंदर छत से ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगीं। पहले राउंड में तीन पुलिसकर्मियों को गोलियां लगी, जबकि बाकी पुलिसकर्मी जहां-तहां छुप गए।जिसे जो जगह मिली वह वहां दुबक गया।
5 of 6
Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा को गोलियां कैसे लगीं, इस बारे में कौशलेंद्र ने कहा कि इस मामले में कुछ भी कहना मुश्किल है कि उन्हें किसकी गोली लगी। क्योंकि बेतरतीब फायरिंग हो रही थी। वह जिस जगह छुपे थे वहां पर ठीक ऊपर से गोलियां चलाई जा रही थी। हमे तो यह भी अंदाजा नहीं था कि वहां घात लगाकर कितने लोग हैं। जब तक हम संभल पाए हमारे आठ साथी मारे जा चुके थे।
बता दें कि गुरुवार को कानपुर के बिकरू गांव में कुख्यात विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने गोलियों की बौछार कर दी थी। जिसमें सीओ बिल्हौर सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। पुलिस आठ मौतों के जिम्मेदार विकास दुबे को पकड़ने के लिए यूपी की सीमाओं से सटे हुए सभी राज्यों और जिलों में दबिश दे रही है।