Kanpur encounter
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कुछ साल पहले तक स्क्रीन प्रिंटर्स में चार-पांच हजार की नौकरी करने वाले जय के हाथ ऐसी कौन सी जादू की छड़ी लग गई कि वह अरबों की संपत्ति का मालिक बन बैठा। यह सवाल जय को जानने वाले हर शख्स के मन में कौंधता है, लेकिन यह सब कुछ जय को ऐसे ही नहीं मिल गया। इसके लिए उसने सबका साथ, अपना विकास का फार्मूला अपनाया।