एसआईटी और ईडी के आदेश पर कुख्यात विकास दुबे से जुड़े लोगों की जमीनों की जांच शुरू हो गई है। एसआईटी और ईडी ने विकास दुबे से जुड़े 18 परिजनों और 38 सहयोगियों, गुर्गों की संपत्ति रिपोर्ट तलब की है। शुक्रवार को तहसील क्षेत्र के 12 लेखपाल, दो राजस्व निरीक्षक, एक नायब तहसीलदार जांच पड़ताल में जुटे हैं।
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Kanpur encounter
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राजस्व विभाग ने बताया कि शासन से 56 लोगों की सूची मिली है जिनकी चल-अचल संपत्ति का पता लगाने का जिम्मा सौंपा गया है। इसमें विकास दुबे, पिता राम कुमार दुबे, माता सरला देवी, घिमऊ जिला पंचायत सदस्य पत्नी ऋचा उर्फ सोनू, भाई अवनीश कुमार दुबे व कानपुर निवासी इसका परिवार, दीपू उर्फ दीप प्रकाश दुबे निवासी लखनऊ, ग्राम प्रधान बिकरू अंजलि दुबे, बहनोई दिनेश कुमार, बहन चंद्रकांता, विकास के ससुर संकटा प्रसाद द्वारा दो दशकों में खरीदी और बिक्री की गई संपत्ति का ब्यौरा तलब किया गया है।
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विकास दुबे के साथी व गुर्गे अविनाश, संजय उर्फ संजू, अतुल कुमार, सज्जन कुमार, अपोली, रामलखन, श्याम बिहारी, संतोष कुमार, दिनेश तिवारी, राजू खुल्लर, अनुराग दुबे, जिलेदार, हीरू पंडित सहित 56 लोगों की सूची प्राप्त हुई है। 403 राजस्व गांवों में उक्त सभी की भूमि या कब्जा की गई जमीन के बारे में पता लगाया जा रहा है।
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kanpur encounter
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विकास दुबे व उसके परिवारीजनों, साथी-सहयोगियों की संपत्ति का पता लगाने के लिए पुलिस महानिदेशक विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) के आदेश पर जांच चल रही है। शासन स्तर से पूरी जांच मॉनीटर हो रही है इसलिए पूरी जानकारी नहीं दे सकता। पीएन सिंह, उप जिलाधिकारी बिल्हौर
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बता दें कि बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को विकास दुबे के घर दबिश देने गई पुलिस की टीम पर घातलगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर विकास दुबे के पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया।
वहीं यूपी एसटीएफ ने विकास के 12 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नौ जुलाई की सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास की कार पलट गई। इस दौरान उसने सिपाही की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की पर पुलिस ने मुठभेड़ में विकास को भी मार गिराया। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी और जांच आयोग का गठन हुआ है।