उत्तर प्रदेश के कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने चारों ओर से घेर कर उन पर हमला कर दिया। इसमें सीओ, एसओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। घटना से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है।
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इसी जगह पर हुआ पुलिस टीम पर हमला
- फोटो : amar ujala
घटना की जांच करने पहुंचे एडीजी लाॅ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। जांच में पुलिस को मौके से एके 47 के खोखे मिले है। पुलिस के भी असलहे गायब मिले हैं। जिनमें एक एके 47, दो पिस्टल और एक इंसास राइफल शामिल है।
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घटना के बाद फर्श पर फैला खून
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सूत्रों की मानें तो बदमाशों ने पुलिस के हथियार छीन कर पुलिस पर ही हमला किया। मौके पर मौजूद एसओ बिठूर के हमराही (सिपाही) विकास बघेल ने रोते हुए बताया कि जैसे ही पुलिस की जीप रुकी वैसे ही दो मंजिला मकान की छत पर हथियारों से लैस 50 लोगों ने हमला कर दिया।
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फायरिंग में टूटे कारों के सीसे
- फोटो : amar ujala
सबसे पहले गोली शिवराजपुर एसओ महेश यादव काे लगी। उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला और वो खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। जिसके बाद गोली और बम की बौछार होने लगी। अचानक हुए हमले से सभी अनजान थे। किसी को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
चारों ओर से चली ताबड़तोड़ गोलियों ने आठ पुलिसकर्मियों की जान ले ली। पुलिस ने गांव की सीमाओं को सील कर दिया है। कानपुर के आसपास के जिलों की सीमाएं सील कर पुलिस हर गाड़ी की तलाशी ले रही है। गांव में आरएएफ के साथ कई जिलों की फोर्स तैनात है। ड्रोन से इलाके की निगरानी की जा रही है।