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Kanpur Encounter: शहीद सीओ देवेन्द्र मिश्रा की बेटी ने लिया बड़ा फैसला, जानकर आपको भी होगा गर्व

Tue, 07 Jul 2020 11:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा एवं रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
कानपुर एनकाउंटर में शहीद सीओ बिल्हौर देवेन्द्र मिश्रा का ऑडियो और शिकायत पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो और शिकायत पत्र देखने के बाद शहीद देवेंद्र मिश्रा की बेटी वैष्णवी मिश्रा ने कहा मैं डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन इस घटना ने मुझे झकझोर कर रख दिया है। अब मैं अपने पिता की तरह पुलिस में भर्ती होकर ऐसे अपराधियो को सबक सिखाऊंगी। मैं अपने पिता के बलिदान को बेकार नहीं जाने दूंगी।

 
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वैष्णवी मिश्रा, शहीद सीओ देवेंन्द्र की बेटी - फोटो : amar ujala
नौ माह बाद रिटायर होने वाले थे सीओ देवेंद्र मिश्र 
मूलरूप से बांदा के गिरवां, महेवा निवासी सीओ देवेंद्र कुमार मिश्रा अपनी पत्नी आशा व दो बेटियों वैष्णवी व वैशार्दी के साथ मेडिकल कॉलेज कैंपस के पॉमकोट अपार्टमेंट में रहते थे। वैष्णवी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेेज में मेडिकल की तैयारी कर रही है, जबकि छोटी बेटी इंटर की छात्रा है।



 
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शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा एवं रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
देवेंद्र केे दो छोटे भाई राजीव मिश्रा व आरडी मिश्रा हैं। राजीव डाकघर में तो आरडी मिश्रा पूर्व प्रधान रह चुके हैं। राजीव ने बताया कि देवेंद्र 1980 में दरोगा बने थे। वर्ष 2007 में उन्नाव के अचलगंज थाने में तैनात थे। वहीं से प्रोन्नत होकर इंस्पेक्टर बने।

 

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शहीद के रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
इसके बाद कानपुर में मूलगंज, रेलबाजार, नजीराबाद, किदवईनगर, बर्रा थाने का चार्ज भी संभाला था। वर्ष 2016 में गाजियाबाद के मोदीनगर में बतौर क्षेत्राधिकारी तैनाती मिली थी। नौ महीने बाद रिटायरमेंट था। परिजनों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते वे घर नहीं आते थे। वीडियो कॉलिंग से पत्नी और बेटियों से बातचीत करते थे। परिजनों को सुबह न्यूज से उनके शहीद होने की जानकारी मिली।

 
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बेटी ने दी थी पिता को मुखाग्नि - फोटो : amar ujala
बता दें कि गुरुवार की रात चौबेपुर के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए गई पुलिस पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। घटना के बाद डीजीपी ने यूपी के सभी जिलों में अलर्ट जारी कर विकास को पकड़े के लिए सात हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को लगाया है।
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