दहशतगर्द विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई और उसके तीन भाइयों पर नजीराबाद पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई की है। बिकरू कांड में असलहा-कारतूस मुहैया कराने और विकास दुबे को फरार कराने की साजिश रचने के आरोप में जय जेल में है। उस पर विभिन्न थानों में आधा दर्जन केस दर्ज हैं। दो जुलाई को बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में पुलिस ने जय को जेल भेजा है।
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विकस दुबे केस
- फोटो : amar ujala
उसने 25 कारतूस, असलहा और 2 लाख रुपये विकास को दिए थे। इंस्पेक्टर नजीराबाद ज्ञान सिंह ने बताया जांच के दौरान जय का आपराधिक इतिहास खंगाला गया है। जिसमें उसके खिलाफ डकैती, बलवा, मारपीट, लूट, आर्म्स एक्ट समेत आधा दर्ज केस हैं। वहीं जांच में खुलासा हुआ कि आपराधिक संलिप्तता कर जय ने करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी बनाई।
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इंस्पेक्टर ने बताया बिकरू कांड वाले मामले की जांच जारी है। पुलिस ने जय की संपत्ति संबंधी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग से साझा की है। इसके आधार पर दोनों विभागों ने उसकी संपत्तियों की जांच शुरू की है।
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जय ने स्कैन कर बनवाया था सचिवालय का पास
जिन तीन कारों से जय ने विकास और उसके साथियों को वारदात के फरार कराने की साजिश रची थी, उसमें से फॉरच्यूनर कार में 0828 नंबर का विधायक का पास लगा था। ये पास नंबर अलीगंज एटा के विधायक सतपाल सिंह का था। सीओ स्वरूपनगर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि जांच में पता चला कि पास जय ने ही बनवाया था। जय ने लखनऊ में विधानसभा के बाहर खड़ी विधायक की कार में लगे पास को स्कैन किया था और फिर उसका प्रिंट निकलवाया था।
साक्ष्य के लिए फोटो जुटाए
सीओ ने बताया जय की तीनों कारें अलग-अलग शख्स के नाम पर हैं। ऑडी भाजपा नेता प्रमोद विश्वकर्मा, फॉरच्यूनर राहुल सिंह और वेरना कपिल सिंह के नाम पर है। जांच में पता चला था कि सिबिल खराब होने की वजह से दूसरों के नाम कारें फाइनेंस करवाई थीं। शोरूम से कार खरीदने से लेकर घर ले जाने व अन्य जगहों की वो फोटो जिसमें जय परिवार समेत है, उनको पुलिस ने जुटा लिया है। सीओ के मुताबिक राहुल सिंह की पत्नी ने इससे संबंधित कई साक्ष्य आला अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं, जिनको जांच में शामिल किया गया है।