हमीरपुर में मारा गया बदमाश अमर दुबे और फरीदाबाद में गिरफ्तार कार्तिकेय उर्फ प्रभात मिश्रा ने भी दो जुलाई की रात पुलिस पर गोलियां चलाईं थीं। अमर ने अवैध 32 बोर की पिस्टल के अलावा पुलिसकर्मियों की 9 एमएम पिस्टल से गोलियां बरसाई थीं।
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Kanpur Encounter Case
- फोटो : amar ujala
एक 9 एमएम पिस्टल से कार्तिकेय ने भी पुलिसकर्मियों का सीना छलनी कर दिया था। एसएसपी दिनेश कुमार पी के मुताबिक अमर विकास दुबे का सबसे खास गुर्गा था। कार्तिकेय भी विकास की वजह से खुलेआम गुंडई करता था। वारदात की रात विकास के इशारे पर इन दोनों ने पुलिस पर गोलियां चलाईं।
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जब पुलिसकर्मी छिपने को भागे तो दौड़ाकर घायल पुलिसकर्मियों को दबोच लिया। उनकी 9 एमएम की सरकारी पिस्टलें लूटीं और उनसे भी गोलियां चलाईं। पुलिस की पिस्टलों से ही पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया। लूटी गईं दोनों 9 एमएम की पिस्टलें कार्तिकेय के पास से बरामद हुई हैं।
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विकास की दहशत, कमा रहा था अमर
एसएसपी ने बताया कि अमर खतरनाक था। जरा सी बात पर गोली चला देता था। वह विकास के नाम पर गुंडई करता रहता था, ताकि विकास की दहशत भी बनी रहे। इसके लिए विकास उसको पैसे भी देता था। वसूली करना, किसी को धमकना, जमीनों पर कब्जा करना जैसे कामों के लिए विकास अमर को ही भेजता था। विकास के साथ भी असलहों से लैस होकर चलता था।
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असलहों के साथ खिंचवाता था फोटो
अमर विकास दुबे के घर पर ही रहता था। उसी की गाड़ियों से घूमता था। गाड़ियों और असलहों के साथ फोटो खिंचवाना उसका शौक था। सोशल मीडिया पर उसकी ऐसी तमाम फोटो पड़ी हैं। वह भविष्य में राजनीति में आना चाहता था।
पुलिसकर्मियों को खुलेआम धमकाता था
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक चौबेपुर थाने में अमर का भी रुतबा था। थानेदार से लेकर अन्य पुलिसकर्मी उसके खास बने थे। जब भी वह थाने जाता था तो सभी उसकी आवभगत में लग जाते। कई बार पुलिस से उसकी झड़प भी हो चुकी है। पुलिस को भी धमकी दे चुका है।