बिकरू कांड में पकड़े गए जिला पंचायत सदस्य अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन ने एक दर्जन बदमाश पुलिस पर हमला करने के लिए भेजे थे। उन सभी को असलहे भी मुहैया करवाए थे। पुलिस की पूछताछ उसने यह खुलासा किया था। उसी आधार पर पुलिस अब बदमाशों को केस में नामजद कर रही है।
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अखिलेश यादव के साथ गुड्डन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जब मुखबिरी की सूचना विकास को मिली थी तो उसने गुड्डन को भी फोन किया था। उसी के कहने पर गुड्डन ने असलहों से लैस बदमाशों को विकास के गांव बिकरू भेजे थे। ये सभी बाइकों से आए थे। पुलिस को इन सभी के नाम-पता और मोबाइल नंबर मिल गए हैं। उसी आधार पर दबिश दे रही है।
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kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
आपको बता दें कि मुंबई से पकड़े गए विकास के साथी गुड्डन और उसके ड्राइवर सोनू को कानपुर पुलिस मुंबई की ठाणे कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लाई है। चौबेपुर के बिकरू गांव में हुए कांड में विकास दुबे का साथी जिला पंचायत सदस्य अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन भी शामिल था।
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अखिलेश यादव के साथ गुड्डन
- फोटो : अमर उजाला
मुंबई एटीएस की पूछताछ में भी गुड्डन ने कई खुलासे किए थे। वारदात के बाद पुलिस ने 21 नामजद समेत 80 अज्ञात बदमाशों पर चौबेपुर थाने में केस दर्ज किया था।
घर पर फोन रखकर पहुंचा था बिकरू
पुलिस सूत्रों के मुताबिक विकास और उसके गैंग को गुड्डन ही असलहा उपलब्ध करवाता था। बिकरू कांड में भी उसने असलहा दिए। वारदात के बाद से ये फरार था। जब पुलिस ने इसके मोबाइल नंबर की सीडीआर निकाली तो लोकेशन रूरा में मिली। वहीं पर फोन भी बंद हुआ। पुलिस के मुताबिक इससे ये पुष्टि नहीं हो सकी है कि वारदात के वक्त वह बिकरू में ही था।