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कानपुर एनकाउंटर में चौंकाने वाला खुलासा, विकास दुबे पर 71 केस, फिर भी पुलिस की नजर में अपराधी नहीं

Sun, 05 Jul 2020 05:49 PM IST
शाहरुख खान सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
पांच हत्याओं का आरोपी, 71 केस फिर भी पुलिस विकास दुबे को अपराधी नहीं मानती। विकास का नाम शहर या थाने की टॉप-10 अपराधियों की सूची में भी नहीं है। इतना बड़ा आपराधिक इतिहास होने के बावजूद उसका गैंग तक रजिस्टर्ड नहीं किया गया। ये गंभीर लापरवाही उन तमाम पुलिस अधिकारियों की है जो शहर में आए और चले गए लेकिन विकास पर सबकी नरमी रही। तीन दशक के एसएसपी समेत अन्य आलाधिकारी और उसके निचले स्तर के अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार हैं।



 
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
सन 1992 में विकास दुबे ने गांव के छुन्नालाल की हत्या कर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके बाद वह लगातार हत्या, लूट, डकैती, हत्या के प्रयास जैसी वारदातों को अंजाम देता रहा। 2001 में भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या कर सनसनी फैलाई थी। उसने कुल पांच हत्याएं कीं। 50 से अधिक लोगों पर जानलेवा हमला किया। जमीन कब्जे के भी मामले दर्ज हुए। इतना बड़ा आपराधिक इतिहास होने के बावजूद पुलिस की शह उस पर बरकरार रही। 
 
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Kanpur encounter - फोटो : अमर उजाला
कहीं इसलिए तो नहीं खा गए मात 
एसएसपी दिनेश कुमार पी कुछ ही समय पहले शहर में आए हैं। समीक्षा बैठकों में उन्होंने शहर के शातिर अपराधियों का ब्योरा जुटाया और उनके बारे में जानकारी ली। इसमें विकास का नाम शामिल नहीं था। जब दबिश के लिए सीओ बिल्हौर ने एसएसपी को जानकारी दी तो उन्होंने बहुत गंभीरता से नहीं लिया। अगर विकास टॉप अपराधियों में शामिल होता तो शायद और फोर्स भेजी जाती। रणनीति बनाकर पूरा ऑपरेशन होता। चूक होने में ये एक बड़ी वजह रही है।
 

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विकास दुबे - फोटो : अमर उजाला
चौबेपुर के सभी पुलिसकर्मी विकास के संपर्क में 
अभी तक चौबेपुर के जिन-जिन पुलिसकर्मियों का ब्योरा जुटाया गया है वो सभी विकास दुबे के संपर्क में पाए गए हैं। हर किसी की फोन पर उससे बातचीत होती थी। वह बेखौफ होकर थाने में आता-जाता था। उसकी सेवा भी होती थी। एक-एक पुलिसकर्मी की भूमिका जांची जा रही है।
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kanpur encounter - फोटो : amar ujala
विकास दुबे न तो शहर और न ही थाने स्तर की टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल है। उसके नाम गैंग भी रजिस्टर्ड नहीं है। ये बात समझ से परे है। चौबेपुर एसओ से लेकर अधिकतर पुलिसकर्मी उसके संपर्क में थे। उसका थाने में आना-जाना भी रहता था।
दिनेश कुमार पी, एसएसपी
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