कानपुर में एकता गुप्ता हत्याकांड में सुरक्षा में बड़ी चूक भी सामने आई है। पांच महीने तक डीएम के आवासीय परिसर में हत्या के आरोपी विमल की बाइक खड़ी रही। विमल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ऑफिसर्स क्लब के आसपास सघन जांच का दावा किया था।
कानपुर में हुए एकता हत्याकांड की जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। डीएम के आवासीय परिसर में मौजूद जिस ऑफिसर्स क्लब में एकता का कंकाल मिला, वहीं पर पांच महीने तक हत्यारोपी विमल सोनी की बाइक खड़ी रही। इस दौरान न तो जांच करने वाली पुलिस की नजर उस पर गई और न ही परिसर में तैनात कर्मियों ने ही सवाल किया। बुधवार को कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों की नजर में आने के बाद कोतवाली पुलिस ने बाइक को अपने कब्जे में ले लिया।
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kanpur murder case
- फोटो : अमर उजाला
दबाव में है कानपुर पुलिस
दरअसल, ऑफिसर्स क्लब में कंकाल मिलने की बात सामने आने के बाद से ही कानपुर पुलिस दबाव में चल रही है। उसका पूरा फोकस इस बात पर है कि मामले को कैसे भी कर के सिर्फ हत्या, उसके खुलासे और हत्या के कारण तक सीमित रखा जाए। यही वजह है कि पुलिस अबतक परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज तक नहीं जुटा सकी है।
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पांच महीने से परिसर में खड़ी रही विमल की बाइक
यही नहीं, परिसर की सघन चेकिंग कर साक्ष्य जुटाने में भी खानापूर्ति की गई। वहीं, डीएम के आवासीय परिसर की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने भी वहां खड़े लावारिस वाहन की खोज-खबर नहीं रखी। इस वजह से पिछले करीब पांच महीने से परिसर में हत्या के आरोपी विमल सोनी की बाइक खड़ी रही। बाइक के अगल-बगल से जांच करने वाले पुलिसकर्मी और परिसर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मी गुजरते रहे, लेकिन किसी ने भी बाइक के बारे में पता नहीं किया।
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फोटो वायरल हुई तो पुलिस ने बाइक को कब्जे में लिया
बुधवार को जब मीडिया व सोशल मीडिया में बाइक की फोटो वायरल हुई तो आनन फानन बाइक को कब्जे में लेकर पुलिस कोतवाली ले आई। हालांकि पुलिस ने जांच में लापरवाही की बात से इन्कार करते हुए बाइक का वहां खड़ा होना सामान्य बताया है। अधिकारियों का कहना है कि डीएम कैंप ऑफिस आने वाले फरियादियों के दो-चार पहिया वाहन खड़े होते हैं। इसी वजह से विमल की बाइक पर ध्यान नहीं गया। बाइक खराब है, संभव है कि इसी वजह से विमल वहां पर खड़ी कर के चला गया होगा।
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आरोपी विमल
- फोटो : अमर उजाला
मीडियाकर्मी ने देखी बाइक, एप से पता चला कि जिम ट्रेनर की है
दरअसल, मीडिया कर्मी पुलिस रिमांड पर लिए गए हत्यारोपी विमल को ऑफिसर्स क्लब लाने की जानकारी पर वहां पहुंचे थे। वहां उन्हें पुलिस या विमल तो नहीं मिला, लेकिन डीएम आवास के मुख्य गेट पर बने सुरक्षा कर्मियों के केबिन के बगल में पंचर हालत में होंडा शाइन बाइक खड़ी दिख गई। बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 78 ईसी 4275 था। सुरक्षा कर्मियों ने बाइक के बारे में जानकारी होने से इन्कार किया। इसपर मीडिया कर्मियों ने आरटीओ के एप पर चेक किया तो बाइक 86/65 शक्कर मिल कोपरगंज निवासी हत्यारोपी विमल कुमार के नाम पर दर्ज मिली।
बाइक केस प्रॉपर्टी नहीं
अबतक की जांच में घटना में उस बाइक के इस्तेमाल की बात सामने नहीं आई है। इसलिए उसे केस प्रॉपर्टी के रूप में दाखिल नहीं किया जाएगा। परिवार को सूचना दी गई है। दस्तावेज चेक करने के बाद बाइक उनके सुपुर्द कर दी जाएगी।-हरीश चंदर, एडिशनल सीपी