कानपुर के किदवईनगर के-ब्लॉक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में शनिवार देर रात पिता शशिरंजन मिश्रा ने अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों रिद्धि-सिद्धि की नृशंस हत्या कर दी। आरोपी ने एक-एक कर दोनों बेटियों की गला दबाकर हत्या कर दी। बचने की गुंजाइश न रहे इसलिए गले पर चापड़ रखकर हथौड़े से वार किए। आरोपी ने वारदात से पहले बच्चियों को नशीली दवा भी खिलाई थी। पूरी वारदात कमरे में लगे सीसीटीवी में कैद है।
कानपुर में हत्या के आरोपी पिता शशिरंजन को नौबस्ता पुलिस घटनास्थल पर ले कर पहुंची तो वहां आरोपी का सामना पत्नी रेशमा से हुआ। पत्नी आरोपी पति को देखते ही बिफर पड़ीं। बोलीं- क्या मिल गया मेरी बच्चियों को मारकर। अरे ज्यादा गुस्सा था तो मुझे मार देते या खुद को मार लेते। उन मासूम बच्चियों को मारते समय तुम्हारे हाथ क्यों नहीं कांपे। भूल गया कैसे दिन-भर पापा-पापा कहते बच्चियां तेरे आगे पीछे घूमती रहती थीं।
मैं इतने दिनों के लिए मायके गई थीं, तब भी तो वह तेरे पास बनी रही थीं। तू इतना पत्थरदिल कैसे हो गया। क्या मिल गया तुझे मार कर और क्यूं मारा मेरी बच्चियों को। इस पर पुलिस की हथकड़ियों में जकड़े आरोपी ने कहा कि जब गला दबाया तो लगा कि ऑक्सीजन दिमाग तक न पहुंची और बच्चियां जिंदा रह गईं तो कोमा में जा सकती हैं या पैरालिसिस का शिकार बन सकती हैं।
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आरोपी पिता और रिद्धी और सिद्धी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे में उनका मरना ही बेहतर होता, इसलिए चापड़ रखकर हथौड़ा मार दिया। बोला- मरना तो खुद भी चाहता था लेकिन हिम्मत नहीं पड़ी। हत्यारोपी ने जेल जाने से पहले बेटे को देखने की इच्छा जताई तो पत्नी ने उसे अपने पीछे छिपा लिया।
इसके बाद रेशमा ने इंस्पेक्टर बहादुर सिंह से हाथ जोड़कर कहा कि साहब इस दरिंदे को ले जाओ। इसे फांसी ही देना, इसने मेरी बच्चियां मुझसे छीन ली हैं। इसके बाद पुलिस आरोपी को लेकर रवाना हो गई।
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आरोपी पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बहुत गुस्सैल और झगड़ालू है शशिरंजन
शशिरंजन बेहद गुस्सैल और झगड़ालू है। उसकी अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों से भी अक्सर लड़ाई होती थी। यही वजह है कि जब रविवार सुबह लोगों को उसके द्वारा बेटियों की हत्या करने की बात पता चली तो कोई उसके घर तक नहीं आया। रेशमा से तहरीर लिखने को कहा तो उसने इन्कार कर दिया।
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आरोपी पति के खिलाफ एफआईआर कराती बच्च्यिों के मां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बोली, वह ज्यादा हिंदी लिखना ज्यादा नहीं जानती है। पुलिस ने पड़ोसियों से मदद के लिए कहा तो सभी ने इन्कार कर दिया। पड़ोसियों ने बताया कि शशिकांत रोज शराब पीकर गालीगलौज करता था। अपार्टमेंट में रहने वाले एक परिवार से विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच्चे किस पर करें भरोसा
अपार्टमेंट के बाहर सुबह भीड़ लगी तो कई लोग मामला जानने के लिए रुक गए। इसमें कई ऐसे भी रहे जिनके साथ बच्चे भी थे। ऐसे में जिसने भी क्रूर पिता के हाथों बेटियों की जान लेने की बात सुनी उसने पिता को जीभर कर कोसा।
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इसी कमरे में हुई थी बच्चियों की हत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच गया एक बच्चा, बदल गई पूरी जिंदगी
फ्लैट में अब भी वही दरवाजे हैं, वही खिड़कियां हैं… लेकिन यहां रहने वाला परिवार बिखर चुका है। छह साल के रुद्रव उर्फ गन्नू के लिए, जो उस रात अपने ही घर में मां के पास सुरक्षित सो रहा था, उसके लिए दुनिया अब पहले जैसी कभी नहीं रहेगी।
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इसी सोसायटी में की गई जुड़वां बहनों की हत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह अपनी मां के पास, दूसरे कमरे में गहरी नींद में था। सुबह जब दरवाजे पर दस्तक हुई और घर के भीतर हलचल बढ़ी तब भी वह मासूम उसी तरह अनजान, बेखबर सोता रहा। जब आंख खुली तो उसके आसपास सब कुछ बदल चुका था। वही घर, लेकिन माहौल अलग।
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रिद्धी और सिद्धी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आठ मार्च को साथ जन्मीं, फिर साथ ही दुनिया से चली गईं
अपार्टमें के फ्लैट नंबर जी फोर के जिस बेडरूम में बच्चियों की हत्या की गई। उसी के एक कोने में रखे दो स्कूल बैग अभी भी वैसे ही पड़े हैं, जैसे शनिवार को स्कूल से लौटकर दोनों ने रखे थे। पास में पड़ी खुली कॉपियों में कुछ हल किए हुए तो कुछ अधूरे सवाल थे… जैसे उनकी छोटी-सी दुनिया अचानक बीच में ही रुक गई हो।
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घटना के बाद जांच करती पुलिस
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आठ मार्च 2016 को साथ जन्म लेने वाली जुड़वां बहनें 19 अप्रैल को एक साथ दुनिया से विदा हो गईं। मां रेशमा ने बताया कि हर सुबह दोनों बहनें साथ उठती थीं। एक-दूसरे को जल्दी करने को कहतीं... कभी रिबन बांधते-बांधते हंस पड़तीं तो कभी स्कूल की किसी बात पर बहस करने लगतीं।
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बिलखती मां
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घर के सामने वाले स्कूल तक साथ जाना, साथ लौटना और फिर साथ खेलना। उनकी दिनचर्या में एक-दूसरे का साथ ही सबसे बड़ी पहचान थी। उनके साथ उनका छोटा भाई गन्नू भी खेलता लेकिन अब दोनों के जाने के बाद गन्नू अकेला रह गया है।
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बिलखती मां से जानकारी लेते पुलिसकर्मी
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दोनों बहनें बेहद नटखट थीं। अक्सर घर में उनकी खिलखिलाहट गूंजती रहती थी। कभी साथ में टीवी देखना हो या साथ में पढ़ना उनकी मौजूदगी पूरे घर की रौनक बनाए रखती थी। आज वही कमरा खामोश हैं और शाम को बेटे साथ उसी कमरे में अेकेले बैठी रेशमा को घर का सन्नाटा काटने को दौड़ता है। उनकी नजर बार-बार उन कॉपियों और बैग पर ठहर जाती है जिन्हें लेकर रोजाना बेटियां उनके पास बैठकर पढ़ती थीं।
घर के हर कोने में बच्चियों की छोटी-छोटी यादें बसी हैं। दीवार पर टंगी तस्वीरें, मेज पर रखी पेंसिलें और वो अधूरी कॉपियां… जो अब कभी पूरी नहीं होंगी। आखिरी बार रेशमा ने जिस बेडरूम में रिद्धि को जाते देखा था वहां खून से सने प्रिंसेस वाले तकिये यह बता रहे हैं कि उनकी लाडलियां कहीं खो गई हैं।
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इसी कमरे में की गई दोनों बेटियों की हत्या
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वही कमरा अब खामोश है। अलमारी में करीने से रखी यूनिफॉर्म जैसे इंतजार कर रही हो कि कोई आकर फिर से उसे पहन ले। खिलौनों के बीच बिखरी उनकी दुनिया अब सवाल बनकर खड़ी है... रेशमा की जुबां पर एक ही सवाल था इतनी जल्दी सब कैसे बदल गया...।
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सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
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कानपुर में जुड़वां बेटियों का कत्ल
कानपुर के किदवईनगर के-ब्लॉक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में शनिवार देर रात पिता शशिरंजन मिश्रा ने अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों रिद्धि-सिद्धि की नृशंस हत्या कर दी। आरोपी ने एक-एक कर दोनों बेटियों की गला दबाकर हत्या कर दी। बचने की गुंजाइश न रहे इसलिए गले पर चापड़ रखकर हथौड़े से वार किए। आरोपी ने वारदात से पहले बच्चियों को नशीली दवा भी खिलाई थी। पूरी वारदात कमरे में लगे सीसीटीवी में कैद है। हत्याकांड के डेढ़ घंटे बाद आरोपी ने तड़के खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को बच्चियों के रक्तरंजित शव बेडरूम की फर्श पर पड़े मिले। पुलिस ने दूसरे कमरे में छह साल के बेटे संग सो रही मां रेशमा को जगाकर हत्याकांड की जानकारी दी तो वह बदहवास हो गईं।
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कमरे में पड़े बच्चों के टेडी बियर
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आरोपी ने बेटियों की हत्या का कारण नहीं कबूला
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसने पुलिस के सामने बेटियों की हत्या का कारण नहीं कबूला है। लखनऊ निवासी बैंककर्मी विवेक गुप्ता का त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के भूतल में जी-4 फ्लैट है। इसे उन्होंने मूलरूप से बिहार के गया निवासी शशिरंजन को 19 हजार रुपये प्रति माह किराये पर दे रखा है। शशिरंजन चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी में सेल्स मैनेजर है। उसने स्वरूपनगर स्थित पार्लर में काम करने वाली मूलरूप से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी निवासी रेशमा से वर्ष 2014 में मंदिर में प्रेम विवाह किया था।
कक्षा पांच में पढ़ती थीं दोनों बेटियां
दोनों के जुड़वां बेटियों के अलावा बेटा रुद्रव उर्फ गन्नू (6) है। दोनों बेटियां कक्षा पांच में पढ़ती थीं। रविवार तड़के 4:32 बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर शशिरंजन ने फोन कर जुड़वां बेटियों की हत्या करने की सूचना दी।