कानपुर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बाबूपुरवा हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों की तरफ से कोर्ट में पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अर्जी दी गई है। इस पर सीएमएम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो या नहीं, इस पर कोर्ट का आदेश जल्द आ सकता है। 20 दिसंबर को बाबूपुरवा में हिंसा के दौरान गोली लगने से मो. रईस, आफताब और सैफ की मौत हुई थी। दस अन्य गोली लगने से घायल हुए थे।
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नागरिकता कानून पर कानपुर हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों की गोली से ही तीनों की मौत हुई। वहीं मृतकों के परिजन पुलिस पर गोली मारने का आरोप लगा रहे हैं। मृतकों के परिजनों के वकील नासिर खान ने बताया मामले में 10 तहरीरें एसएसपी को डाक के जरिये भेजी गई थीं, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कानपुर यतीमखाना हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
इसलिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया। गुरुवार को सीएमएम कोर्ट में प्रार्थना पर सुनवाई भी हो चुकी है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक आगे की कार्रवाई होगी। उधर, बाबूपुरवा हिंसा में एसआईटी ने अब तक 20 पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किये हैं।
कानपुर में फिर से हिंसा फैलाने की थी साजिश
- फोटो : अमर उजाला
फंडिंग में हवाला कनेक्शन
पीएफआई कनेक्शन में गिरफ्तार आरोपियों के खातों की जांच से फंडिंग की बात की पुष्टि हो चुकी है। एसआईटी अब हवाला कनेक्शन तलाश रही है। आशंका है कि हवाला के जरिये भी हिंसा के लिए फंडिंग हुई। इसकी पड़ताल में अन्य जांच एजेंसियां भी लगी हैं।