फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: ऋषिकांत को भारी पड़ी अखिलेश की दरबारी, कब आएगी बाकी की बारी…बनाई थी 100 करोड़ की कंस्ट्रक्शन कंपनी

Tue, 04 Nov 2025 05:29 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: अखिलेश दुबे से मिलकर 100 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाने के आरोप में डिप्टी एसपी ऋषिकांत शुक्ला को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, तीन अन्य सीओ और केडीए कर्मी एसआईटी के नोटिस के बाद भी सामने नहीं आए हैं।
विज्ञापन
1 of 7
संतोष सिंह, ऋषिकांत शुक्ला, विकास पांडेय - फोटो : amar ujala

कानपुर में अखिलेश दुबे प्रकरण में सोमवार को डिप्टी एसपी ऋषिकांत शुक्ला के निलंबन के तौर पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। इससे पहले अखिलेश के करीबी रहने के आरोप में इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी को निलंबित किया गया था। उस पर पुलिस कार्यालय में स्थित शिकायत प्रकोष्ठ में तैनाती के दौरान भाजपा नेता रवि सतीजा को अखिलेश दुबे के कार्यालय तक पहुंचाने का आरोप लगा था।
हालांकि, अखिलेश के करीबी रहे लखनऊ में तैनात डिप्टी एसपी विकास पांडेय, हरदोई में डिप्टी एसपी संतोष कुमार सिंह, केडीए वीसी के पीए रहे महेंद्र कुमार सोलंकी (वर्तमान बस्ती में तैनात) और कश्यप कांत दुबे पर कार्रवाई होनी बाकी है। सभी पर साकेतनगर के अखिलेश दुबे का दरबारी होने का आरोप है। अखिलेश के करीबी रहे सीओ और केडीए कर्मियों पर आरोप लगने के बाद एसआईटी ने दो बार सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा था।

विज्ञापन

2 of 7
आशीष द्विवेदी, इंस्पेक्टर - फोटो : amar ujala

सौ करोड़ से भी ज्यादा का टर्नओवर
हालांकि इनमें से किसी ने भी एसआईटी के सामने आकर अपना पक्ष नहीं रखा। इन लोगों को डर था कि कहीं अखिलेश दुबे और इंस्पेक्टर सभाजीत की तरह उन्हें भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार न कर लिया जाए। आरोप थे कि यह सभी लोग सरकारी कर्मचारी होने के बाद भी अखिलेश दुबे के साथ मिलकर जमीनों का कारोबार कर रहे थे। इतना ही नहीं बाकायदा कंपनी बनाकर अपने परिजनों के नाम पर कारोबार कर रहे थे। एक कंपनी सामने आई है, इसमें सौ करोड़ से भी ज्यादा का टर्नओवर है।

विज्ञापन

3 of 7
रवि सतीजा और अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala

काली कमाई को एक नंबर में बदलने का प्रयास
इसी आधार पर इन सभी को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। एसआईटी में शामिल सूत्रों की मानें तो सीओ संतोष सिंह, विकास पांडेय और ऋषिकांत ने अखिलेश दुबे के साथ मिलकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी खड़ी की है। इस कंपनी में ऋषिकांत की पत्नी प्रभा शुक्ला, सीओ विकास पांडेय का भाई प्रदीप कुमार पांडेय, संतोष सिंह का रिश्तेदार अशोक कुमार सिंह व अखिलेश दुबे के परिजन शामिल हैं। कंपनी कंस्ट्रक्शन से जुड़ा काम करती है। इस कंपनी के माध्यम से अपनी काली कमाई को एक नंबर में बदलने का प्रयास किया जाता था।

4 of 7
ऋषिकांत शुक्ला, सीओ - फोटो : amar ujala

ये है पूरा मामला
अखिलेश दुबे के करीबी सीओ ऋषिकांत शुक्ला 100 करोड़ से अधिक संपत्ति एकत्रित करने के मामले में निलंबित कर दिए गए। उनके खिलाफ विजिलेंस की जांच भी शुरू हो गई है। उन पर कानपुर में तैनाती के दौरान लाेगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगे थे। एसआईटी जांच में 12 स्थानों पर 92 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिलने की पुष्टि हुई थी। साथ ही तीन अन्य संपत्तियां भी हैं।

विज्ञापन

5 of 7
संतोष सिंह, सीओ - फोटो : amar ujala

एसआईटी जांच में अकूत संपत्ति की हुई थी पुष्टि
सोमवार को शासन ने प्रमुख सचिव, सतर्कता विभाग को कार्रवाई की है। कानपुर पुलिस कमिश्नर ने 10 और 15 सितंबर को अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इसी पत्र के आधार पर 18 सितंबर को अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन ने शासन में यह पत्र भेजा था। पुलिस कमिश्नर की ओर से भेजे गए पत्र में इस बात का उल्लेेख किया गया था कि वर्तमान में मैनपुरी के भौगांव में तैनात ऋषिकांत करीब करीब 10 साल से अधिक कानपुर नगर में तैनात रहे हैं।

विज्ञापन

6 of 7
विकास पांडेय, सीओ - फोटो : amar ujala

ऋषिकांत भी अखिलेश दुबे के करीबी हैं
वह यहां वर्ष 1998 से 2006 तक तथा दोबारा दिसंबर 2006 से वर्ष 2009 तक नियुक्त रहे हैं। कानपुर में अखिलेश दुबे गिरोह चलाकर फर्जी मुकदमे कराकर लोगों को फंसाने और वसूली और कब्जे का कार्य करता है। इस गठजोड़ में पुलिस, केडीए और अन्य विभागों के लोग शामिल हैं। ऋषिकांत भी अखिलेश दुबे के करीबी हैं। इस घनिष्ठता एवं अखिलेश के परिजनों की विभिन्न प्रापर्टी में इनकी भागीदारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala

ऋषिकांत की बेनामी संपत्ति है
एसआईटी की जांच व सत्यापन में ऋषिकांत शुक्ला द्वारा स्वयं,अपने परिवारीजन, साथियों व साझेदारों के साथ करीब 100 करोड़ की अकूत संपत्ति अर्जित करने की पुष्टि हुई है। 12 स्थानों पर उपलब्ध संपत्ति करीब 92 करोड़ की है, जबकि तीन अन्य स्थानों पर उपलब्ध संपत्तियों के अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि गोपनीय सूचनानुसार वह भी शुक्ला के पैन से जुड़े हैं। जांच में आर्यनगर में 11 दुकानें होने की बात सामने आई है, जो इनके पड़ोसी साथी देवेंद्र दुबे के नाम पर हैं, हालांकि यह ऋषिकांत की बेनामी संपत्ति है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें