घटनास्थल पर पड़ी बाइक
- फोटो : amar ujala
घर का एकलौता चिराग था ओमजी
सड़क हादसे में जान गंवाने वाला उत्तरीपुरा निवासी ओमजी (23) घर का इकलौता चिराग था। पिता की मौत हो चुकी है। वह मेडिकल स्टोर का संचालन कर परिवार का भरण पोषण करता था। मां नीतू बिलखते हुए यही कह रही थी कि भगवान हमसे क्या गलती हो गई, पहले पति को बुला लिया अब लल्ला (ओमजी) को मुझसे छीन लिया, अब गुजारा कैसे होगा। ओम जी की दोनों बहन जान्हवी और गौरी का भी रो-रोकर हाल बेहाल है।