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Kannauj JailBreak: चारों वॉच टावर सूने…बंदियों ने भेद दी सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासन बोला- दो दिन पहले थी पार्टी

Tue, 06 Jan 2026 05:18 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: कन्नौज जिला जेल से कंबलों की रस्सी के सहारे दो बंदी फरार हो गए। जेल स्टाफ के नए साल के जश्न में डूबे होने और खाली वॉच टॉवरों के कारण सुरक्षा की यह बड़ी सेंध लगी है।
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फरार बंदी अंकित और शिवा उर्फ डिंपी - फोटो : amar ujala

कन्नौज जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित कारागार में बंदियों की निगरानी भगवान भरोसे है। जेल के चारों कोनों पर वॉच टॉवर तो बनाए गए हैं, पर उनमें कोई नहीं जाता है। यही वजह है कि 22 फीट ऊंची दीवार पर कंबलों से बनी रस्सी के सहारे दो विचाराधीन बंदी भाग और जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। योजनाबद्ध तरीके से बंदी भागे हैं, इसकी कहानी वह रस्सी बता रही है, जो कंबलों और बिछाने वाली चादरों समेत पौधों की टहनियों को लपेटकर बनाई गई थी।
रविवार रात को जेल परिसर में नए साल का जश्न चल रहा था। जेल अधिकारी और कर्मचारी परिवार के सदस्यों के साथ डीजे की धुन पर थिरक रहे थे और गाने गा रहे थे। इस दौरान जेल के कैदियों पर किसी का ध्यान नहीं गया। कैदियों ने इसी मौके का लाभ उठाते हुए जेल के अंदर से कंबलों को इकट्ठा किया और उन्हें आपस में जोड़कर एक मजबूत रस्सी तैयार की। इस रस्सी के सहारे वह जेल की करीब 22 फीट ऊंची पूर्वी दीवार पर चढ़ गए और कूदकर बाहर निकल गए।

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जेल की चहारदीवारी के किनारे खाली वॉच टॉवर - फोटो : amar ujala

जेल अधीक्षक की सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई
रात में कैदियों की गिनती नहीं की गई थी, जिसका फायदा भी उन्हें मिला। जेल में पार्टी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसकी संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है। हालांकि जेल प्रशासन वीडियो पुराना बता रहा है। अन्य कैदियों ने डीएम व एसपी को बताया कि वॉच टॉवरों कोई भी नहीं रहता है। साल भर ये खाली रहते हैं। डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता को भी यही बात बताई गई है। इसी आधार पर जेल अधीक्षक की सबसे बड़ी लापरवाही सामने आई है।

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जिला कारागार में कंबलों की रस्सी देखते गुरसहायगंज कोतवाल अजय अवस्थी - फोटो : amar ujala

सुबह गिनती में खुला राज, मचा हड़कंप
सोमवार सुबह करीब 10 बजे जब जेल के सभी कैदियों और बंदियों को बैरकों से बाहर निकाला गया और उनकी गिनती शुरू हुई, तब दो कैदियों के कम होने का पता चला। जेल प्रशासन ने पहले इस मामले को छिपाने की कोशिश की और अपने स्तर पर कैदियों की तलाश जारी रखी। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री व एसपी विनोद कुमार को इस घटना की जानकारी मिल गई। वह संपूर्ण समाधान दिवस बीच में छोड़कर सीधे जिला पहुंचे और प्रारंभिक जांच कर सूचना शासन को दी।

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माइक लेकर गाना गाते जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद - फोटो : amar ujala

का करूं सजनी आए न बालम...गीत पर झूमे लोग
दो विचाराधीन बंदियों के फरार होने के बाद जेल अधीक्षक भीमसेन मुकुंद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह जेल के अंदर पार्टी में माइक पर स्वर लहरियां बिखेरते दिख रहे हैं। इसमें वह का करूं सजनी आए न बालम...ठुमरी सुनाकर तालियां बटोर रहे हैं। इसके अलावा डीजे की धुनों पर बंदी रक्षक व अफसर थिरक रहे हैं। खास बात यह है कि जश्न के सभी वीडियो जेल अधीक्षक ने अपने व्हॉट्स एप स्टेटस पर अपलोड किए हैं। दावा किया जा रहा है कि डीजे बजाकर पार्टी की गई थी, जिसकी जानकारी बंदियों को पहले से थी और उन्होंने इसी का फायदा उठाने की योजना बनाई। वहीं, जेल अधीक्षक का कहना है कि यह वीडियो दो दिन पुराना है।

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जिला कारागार में जश्न के दौरान नाच रहा बंदी रक्षक - फोटो : amar ujala

जिला कारागार में 13 बैरक और 443 बंदी
जिला कारागार में 13 बैरक हैं, जिनमें 12 पुरुष बैरक और एक महिला बैरक है। इस समय जेल में 431 विचाराधीन बंदी हैं तो 78 सजायाफ्ता कैदी हैं। 12 महिलाएं भी बंद हैं। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि जेल में 800 बंदियों और कैदियों को रखने की क्षमता है। इसकी तुलना में अभी बंदियों की संख्या काफी कम है। फरार बंदियों को पकड़ने के लिए छह टीमों का गठन किया गया है। एसओजी व सर्विलांस टीम को भी लगाया गया है। वहीं, गुरसहायगंज कोतवाली में जेलर विनय प्रताप सिंह ने फरार बंदी अंकित कुमार व शिवा उर्फ डिंपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

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कारागार परिसर में नए साल की पार्टी में शामिल लोग - फोटो : amar ujala
पैसा दो...जेल में मिलेगी हर सुविधा
जिला कारागार का हाल यह है कि यहां बंदियों और कैदियों को सिर्फ पैसा खर्च करना पड़ता है, हर सुविधा मिल जाती है। बताया जा रहा है कि यहां नए बंदियों की मशक्कत काटने के लिए 25 हजार रुपये तक लिए जाते हैं। पहले जेल अधीक्षक अकरम खान के समय पांच हजार रुपये लिए जाते थे, लेकिन जब से भीमसेन मुकुंद आए हैं, तब से यह बढ़ा दी गई। इतना ही नहीं जेल के अंदर पान मसाला, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट व शराब की सप्लाई भी पैसे लेकर हो रही है। इसके लिए बंदियों व कैदियों से दोगुने दाम तक वसूल किए जा रहे हैं। कैंटीन में खाने के नाम पर भी वसूली हो रही है।
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जिला कारागार का निरीक्षण करते डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री व एसपी विनोद कुमार - फोटो : amar ujala
ये है पूरा मामला
कन्नौज जिला कारागार में पुलिसकर्मी और अफसर नए साल का जश्न मनाने में मशगूल रहे। इसी बीच दो विचाराधीन बंदी कंबलों की रस्सी बनाकर 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग गए। जेल प्रशासन को तब जानकारी हुई, जब बैरकों में गिनती कराई गई। दो बंदियों के भागने से जेल में खलबली मच गई। शासन ने डिप्टी जेलर समेत चार को निलंबित कर डीआईजी जेल को जांच सौंपी है। साथ ही डीएम से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
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