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किशोरी दुष्कर्म कांड: महत्वाकांक्षा की वेदी पर रिश्ते का 'कत्ल', वेश्यावृत्ति के धंधे में उतारना चाहती थी बुआ

Thu, 05 Sep 2024 08:47 AM IST
हिमांशु अवस्थी अभिषेक द्विवेदी, अमर उजाला, कन्नौज
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kannauj scandal case - फोटो : amar ujala
भारतीय संस्कृति में बुआ-भतीजी के रिश्ते को सबसे पवित्र माना जाता है। विश्वास की कसौटी पर कसा यह रिश्ता उस समय कलंकित हो गया, जब बुआ ने अपनी भतीजी की ही अस्मत लुटवा दी। महत्वाकांक्षा की वेदी पर उसने इस पवित्र रिश्ते का कत्ल कर दिया, जिससे मानवीय संवेदनाओं को भी गहरा आघात पहुंचा है। उसके इस कृत्य को देखकर आज सभ्य समाज आपसी संबंधों और रिश्तों को भी संदेह भरी निगाहों से देखने लगा है और लोगों का अपनों से भरोसा उठने लगा है।
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kannauj case - फोटो : अमर उजाला
तिर्वा क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली इस महिला की महत्वाकांक्षा इतनी बड़ी थी कि उसने पद, पैसा और प्रतिष्ठा के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। राजनेताओं के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से उसकी शोहरत में इजाफा हुआ, तो वह राजनीतिक गलियारों में भी पहचान बनाने लगी। पहले समाजवादी पार्टी में महिला कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रही।
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कन्नौज कांड - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जब सूबे का निजाम बदला, तो उसने भी पाला बदल लिया और सत्ता पक्ष के कार्यक्रमों में शरीक होने लगी। कई बड़े भाजपा नेताओं और मंत्री के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं। राजनीतिक प्रश्रय लेकर वह अक्सर पुलिस थानों में अपना रौब दिखाने जाती थी। पुलिस कर्मियों के साथ भी उसकी तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं। सत्ता पक्ष में आने के बाद भी उसके सपा नेताओं से ताल्लुकात कम नहीं हुए और उसका आना-जाना बना रहा।

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नवाब सिंह यादव - फोटो : पीटीआई
चार दिन तक उसे लेकर इधर-उधर घूमती रही
कभी सपा के कद्दावर नेता रहे नवाब सिंह यादव से उसके अवैध संबंध बने रहे। इस बार उसने गलती यह कर दी कि अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए उसने नाबालिग भतीजी को ही पेश कर दिया। उसकी यह गलती अब नवाब सिंह यादव और स्वयं उसके गले की फांस बन गई है। किशोरी के माता-पिता ने बुआ पर विश्वास कर उसे गांव में बाबा-दादी के पास पहुंचाने के लिए कहा था, लेकिन वह चार दिन तक उसे लेकर इधर-उधर घूमती रही।
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Kannauj Case - फोटो : अमर उजाला
मानवीय संवेदनाओं को भी गहरा आघात लगा
अंत में जब नवाब सिंह यादव से बात बनी, तो वह भतीजी को लेकर उसके पास पहुंच गई। माना जा रहा है कि बुआ अपनी इस नाबालिग भतीजी को वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलना चाहती थी, लेकिन उस बेटी ने साहस के साथ प्रतिकूल परिस्थितियों का मुकाबला किया और एक मिनट में बुआ और नवाब सिंह का असली चेहरा उजागर कर दिया। सुगंध की नगरी में बुआ-भतीजी के इस पवित्र रिश्ते का तो कत्ल हुआ ही है, साथ ही मानवीय संवेदनाओं को भी गहरा आघात लगा है।
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Nawab Singh Yadav - फोटो : अमर उजाला
बुआ की इस हरकत से शर्मसार हैं गांव के लोग
तिर्वा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बुआ की इस हरकत से गांव के लोग शर्मसार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस महिला ने पूरे गांव की इज्जत मिट्टी में मिला दी। गांव के लोगों को उस बेटी के साथ सहानुभूति है, जिसने इतनी कम उम्र में विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला किया।
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Nawab Singh Yadav - फोटो : अमर उजाला
इससे ज्यादा घृणित कार्य दूसरा हो ही नहीं सकता
वहीं, उसकी बुआ से उतनी ही नफरत है। गांव वाले कहते हैं कि बुआ कुछ भी करे, लेकिन उस बच्ची का ख्याल रखना था, जिसे बड़े विश्वास के साथ माता-पिता ने नोएडा से गांव भेज दिया था। अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए उस बच्ची का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। इससे ज्यादा घृणित कार्य कोई दूसरा हो ही नहीं सकता है।
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एसपी अमित कुमार - फोटो : अमर उजाला
पीड़िता की बुआ के बारे में जब पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि वह एक सामान्य परिवार से आती है और चंद पैसों के लिए इस तरह का काम करती है। देह व्यापार, मानव तस्करी या सेक्स रैकेट चलाने का कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिला। नवाब सिंह को बचाने के लिए भी उसने उसके छोटे भाई नीलू से रुपये लिए थे। इससे साबित होता है कि वह पैसों के लिए ही इस तरह का कृत्य करती है।  -अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक
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