किशोरी दुष्कर्म कांड में सह आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख नीलू यादव और पीड़िता की बुआ को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी। इसके लिए बुधवार को पुलिस ने पॉक्सो कोर्ट में अर्जी दाखिल की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। आज इस संबंध में कोर्ट सुनवाई करेगा, जिसमें दोनों आरोपियों की पेशी जिला कारागार से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।
किशोरी से दुष्कर्म के मुख्य आरोपी नवाब सिंह यादव को बचाने के लिए उसके छोटे भाई नीलू यादव ने पीड़िता की बुआ को 10 लाख रुपये का लालच दिया था और किशोरी का मेडिकल परीक्षण न कराने, कोर्ट में बयान न देने के एवज में चार लाख रुपये बुआ के एक परिचित के खाते में हस्तांतरित भी किए थे।
विज्ञापन
2 of 11
Kannauj Case
- फोटो : अमर उजाला
इसी आधार पर पुलिस ने नीलू को भी सह आरोपी बनाया है। नीलू ने मंगलवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। बुधवार को इस मामले के विवेचक सदर कोतवाल कपिल दुबे ने पॉक्सो कोर्ट में पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
विज्ञापन
3 of 11
एसपी अमित कुमार
- फोटो : अमर उजाला
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि बृहस्पतिवार को कस्टडी रिमांड पर कोर्ट सुनवाई करेगा और दोनों आरोपियों की जिला जेल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी होगी। न्यायालय का आदेश मिलते ही दोनों को जेल से लाकर पूछताछ की जाएगी और रुपयों के लेन देन के संबंध में साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल की जाएगी। इसके बाद मुकदमे का ट्रायल शुरू होगा और पुलिस फास्ट ट्रैक की तरह पैरवी करेगी।
4 of 11
kannauj case
- फोटो : amar ujala
आपको बता दें कि भारतीय संस्कृति में बुआ-भतीजी के रिश्ते को सबसे पवित्र माना जाता है। विश्वास की कसौटी पर कसा यह रिश्ता उस समय कलंकित हो गया, जब बुआ ने अपनी भतीजी की ही अस्मत लुटवा दी। महत्वाकांक्षा की वेदी पर उसने इस पवित्र रिश्ते का कत्ल कर दिया, जिससे मानवीय संवेदनाओं को भी गहरा आघात पहुंचा है। उसके इस कृत्य को देखकर आज सभ्य समाज आपसी संबंधों और रिश्तों को भी संदेह भरी निगाहों से देखने लगा है और लोगों का अपनों से भरोसा उठने लगा है।
विज्ञापन
5 of 11
कन्नौज कांड
- फोटो : अमर उजाला
तिर्वा क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली इस महिला की महत्वाकांक्षा इतनी बड़ी थी कि उसने पद, पैसा और प्रतिष्ठा के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। राजनेताओं के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से उसकी शोहरत में इजाफा हुआ, तो वह राजनीतिक गलियारों में भी पहचान बनाने लगी। पहले समाजवादी पार्टी में महिला कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रही।
विज्ञापन
6 of 11
कन्नौज कांड
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जब सूबे का निजाम बदला, तो उसने भी पाला बदल लिया और सत्ता पक्ष के कार्यक्रमों में शरीक होने लगी। कई बड़े भाजपा नेताओं और मंत्री के साथ उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं। राजनीतिक प्रश्रय लेकर वह अक्सर पुलिस थानों में अपना रौब दिखाने जाती थी। पुलिस कर्मियों के साथ भी उसकी तस्वीरें वायरल हो रहीं हैं। सत्ता पक्ष में आने के बाद भी उसके सपा नेताओं से ताल्लुकात कम नहीं हुए और उसका आना-जाना बना रहा।
विज्ञापन
7 of 11
Kannuaj case
- फोटो : अमर उजाला
चार दिन तक उसे लेकर इधर-उधर घूमती रही
कभी सपा के कद्दावर नेता रहे नवाब सिंह यादव से उसके अवैध संबंध बने रहे। इस बार उसने गलती यह कर दी कि अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए उसने नाबालिग भतीजी को ही पेश कर दिया। उसकी यह गलती अब नवाब सिंह यादव और स्वयं उसके गले की फांस बन गई है। किशोरी के माता-पिता ने बुआ पर विश्वास कर उसे गांव में बाबा-दादी के पास पहुंचाने के लिए कहा था, लेकिन वह चार दिन तक उसे लेकर इधर-उधर घूमती रही।
8 of 11
नवाब सिंह
- फोटो : अमर उजाला
मानवीय संवेदनाओं को भी गहरा आघात लगा
अंत में जब नवाब सिंह यादव से बात बनी, तो वह भतीजी को लेकर उसके पास पहुंच गई। माना जा रहा है कि बुआ अपनी इस नाबालिग भतीजी को वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलना चाहती थी, लेकिन उस बेटी ने साहस के साथ प्रतिकूल परिस्थितियों का मुकाबला किया और एक मिनट में बुआ और नवाब सिंह का असली चेहरा उजागर कर दिया। सुगंध की नगरी में बुआ-भतीजी के इस पवित्र रिश्ते का तो कत्ल हुआ ही है, साथ ही मानवीय संवेदनाओं को भी गहरा आघात लगा है।
9 of 11
Kannauj case
- फोटो : अमर उजाला
बुआ की इस हरकत से शर्मसार हैं गांव के लोग
तिर्वा क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली बुआ की इस हरकत से गांव के लोग शर्मसार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस महिला ने पूरे गांव की इज्जत मिट्टी में मिला दी। गांव के लोगों को उस बेटी के साथ सहानुभूति है, जिसने इतनी कम उम्र में विपरीत परिस्थितियों का डटकर मुकाबला किया।
10 of 11
पीड़िता का नमूना भी लिया
- फोटो : अमर उजाला
इससे ज्यादा घृणित कार्य दूसरा हो ही नहीं सकता
वहीं, उसकी बुआ से उतनी ही नफरत है। गांव वाले कहते हैं कि बुआ कुछ भी करे, लेकिन उस बच्ची का ख्याल रखना था, जिसे बड़े विश्वास के साथ माता-पिता ने नोएडा से गांव भेज दिया था। अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए उस बच्ची का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। इससे ज्यादा घृणित कार्य कोई दूसरा हो ही नहीं सकता है।
पीड़िता की बुआ के बारे में जब पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि वह एक सामान्य परिवार से आती है और चंद पैसों के लिए इस तरह का काम करती है। देह व्यापार, मानव तस्करी या सेक्स रैकेट चलाने का कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिला। नवाब सिंह को बचाने के लिए भी उसने उसके छोटे भाई नीलू से रुपये लिए थे। इससे साबित होता है कि वह पैसों के लिए ही इस तरह का कृत्य करती है। -अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक