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कन्नौज हादसा: साजिशन गायब की गईं विमल ट्रैवल्स की फाइलें, मौत के खेल में अफसर भी शामिल

Mon, 20 Jan 2020 07:27 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद एआरटीओ कार्यालय से सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुईं बस माफिया विमल चतुर्वेदी की सोलह बसों की फाइलें साजिश के तहत गायब कराई गईं। फाइलें चुराने में विमल की बसों का काम देख रहे दो दलालों के अलावा एक कर्मचारी की भूमिका सवालों के घेरे में है।
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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
इसमें एक अफसर का हाथ भी माना जा रहा है, जो कई दिनों से सुबह आफिस खुलवाकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दलाल व कर्मचारी के साथ बैठक भी की थी। दस जनवरी को कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव घिलोई के सामने सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुई बस की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी।
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कन्नौज बस-ट्रक हादसा - फोटो : अमर उजाला
इसमें बीस लोगों की मौत हो गई थी। हादसे की जांच आगरा के उपायुक्त कर रहे हैं। एआरटीओ कार्यालय के कंप्यूटर में विमल चतुर्वेदी की 16 बसों को सामान्य बस से स्लीपर में तब्दील करने के मामले में तीन अफसरों के अनुमोदन का ही रिकॉर्ड है। कार्यालय से इन सोलह बसों का ही रिकॉर्ड गायब हो गया है।

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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
इन स्लीपर बसों की फाइलें में दलाल ने फर्जी दस्तावेज लगाकर अनुमोदित कराई थीं। सूत्र बताते हैं कि हर सामान्य से स्लीपर बस में तब्दील करने में आदेश जारी करने के पचास हजार रुपये लिए गए थे। जब मामला फंसता दिखा तो दलाल व कर्मचारी की मिलीभगत से बसों की सभी सोलह फाइलें गायब करवा दी गईं।
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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
एआरटीओ कार्यालय के अफसर भी इसमें शामिल हैं। अफसर ने इसे लेकर दलाल व कर्मचारी से गुप्त बैठक भी की थी। पुलिस ने 16 फाइलों के चोरी होने मुकदमा शनिवार को दर्ज कर लिया था। कोतवाल जसवंत सिंह ने बताया कि एआरटीओ कार्यालय में न तो चौकीदार है न ही चपरासी।
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कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
रिकॉर्ड कई महीनों के बाद भी पुराने आफिस में ही रखा रहा था। चाभी किसके पास थी और इस बीच में कौन पुराने आफिस से रिकॉर्ड लेने के लिए आता जाता रहा है इन पहलुओं पर गंभीरता से छानबीन की जाएगी।
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