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UP: कमजोर थी शटरिंग…150 फीट लंबा लिंटर ढहा, रेल मंत्री बोले- उच्चस्तरीय कमेटी करेगी जांच, ये थीं मुख्य वजहें

Sun, 12 Jan 2025 05:46 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। जांच टीम में मुख्य इंजीनियर प्लानिंग एवं डिजायन, अपर मंडल रेल प्रबंधक व मुख्य सुरक्षा आयुक्त को शामिल किया गया है।
 
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kannauj accident - फोटो : amar ujala
कन्नौज जिले में रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर करीब 2:20 बजे भीषण हादसा हो गया। नवीन स्टेशन के लिए बनाए गए ढांचे पर लिंटर डालते समय शटरिंग टूटने से लिंटर भरभराकर गिर गया। हादसे में 40 से अधिक मजदूर दब गए। देर शाम तक मलबे से 26 मजदूरों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। आठ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

तीन घायलों को केजीएमयू लखनऊ रेफर किया गया है। लिंटर गिरते ही ठेकेदार मौके से फरार हो गया। मलबे में करीब 14 मजदूरों के दबे होने की आशंका है। राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। मौके पर प्रशासन और रेलवे के आला अधिकारी डटे हुए हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 13.50 करोड़ रुपये से स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है।
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कंक्रीट का 40 फीट ऊंचा ढांचा तैयार कर लिया गया
प्रथम चरण में यात्री प्रतीक्षालय, बुकिंग हाल व शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए कंक्रीट का 40 फीट ऊंचा ढांचा तैयार कर लिया गया है। इसी पर 7500 वर्ग फीट में लिंटर डाला जा रहा था। निर्माण कार्य जनपद देवरिया की आशुतोष इंटरप्राइजेज कंपनी कर रही है। हादसे के वक्त ठेकेदार रामविलास रॉय मौजूद था, लेकिन मौका देखकर वह भाग निकला।
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रेलवे ने दुर्घटना सहायता स्पेशल ट्रेन को भेजा
आरपीएफ उसकी तलाश में जुटी है। मजदूरों ने बताया कि पिछले तीन दिन से स्टेशन के भवन पर लिंटर डालने का काम चल रहा था। शनिवार दोपहर शटरिंग टूटने से हादसा हो गया। हादसे के बाद ठेकेदार मौके से भाग निकला। देर शाम रेलवे ने दुर्घटना सहायता स्पेशल ट्रेन को स्टेशन पर भेजा। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीम भी मजदूरों को मलबे से निकालने में जुटी है।

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तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। जांच टीम में मुख्य इंजीनियर प्लानिंग एवं डिजायन, अपर मंडल रेल प्रबंधक व मुख्य सुरक्षा आयुक्त को शामिल किया गया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूरों को 2.50 लाख रुपये और मामूली घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
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नगर पालिका से 50 कर्मियों को बुलाया
हादसे की जानकारी होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल, एसपी विनोद कुमार, सदर एसडीएम स्मृति मिश्रा मौके पर पहुंच गए। जिले के सभी थानों की पुलिस फोर्स और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। नगर पालिका से 50 कर्मियों को बुलाकर घायलों को बाहर निकाला गया।
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जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से की पूछताछ
प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण भी घटनास्थल पर पहुंचे। थोड़ी देर बाद कानपुर मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडयन, डीआईजी जोगिंदर कुमार भी रेलवे स्टेशन पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मंत्री समेत आला अफसरों ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से पूछताछ की। देर शाम को पूर्वोत्तर रेलवे की डीआरएम वीणा सिन्हा रेलवे स्टेशन पर पहुंच गईं और निरीक्षण किया।
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बन रहा था प्रतीक्षालय और बुकिंग हाल
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 13.50 करोड़ रुपये से स्टेशन का कायाकल्प हो रहा है। प्रथम चरण में यात्री प्रतीक्षालय, बुकिंग हाल व शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए कंक्रीट का 40 फीट ऊंचा ढांचा तैयार कर लिया गया है और इसी पर 7500 वर्ग फीट में लिंटर डाला जा रहा था। इसका निर्माण कार्य जनपद देवरिया की आशुतोष इंटरप्राइजेज कंपनी कर रही है। हादसे के वक्त ठेकेदार रामविलास रॉय मौजूद था, जो मौके से भाग निकला। आरपीएफ उसकी तलाश में जुटी है।

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हादसे की मुख्य तीन वजह

  • लचर प्रबंधन: हादसे के बाद पता चला कि कार्यदायी संस्था अपने अनुसार काम कर रही थी। कंपनी का साइट इंजीनियर और रेलवे का डिजायन इंजीनियर लिंटर डालने के दौरान मौजूद नहीं थे। मजदूरों के पास सुरक्षा उपकरण और हेलमेट भी नहीं थे।
  • लापरवाही: कार्यदायी संस्था ने लिंटर डालने से पहले कमजोर शटरिंग लगाई थी। शटरिंग में केवल लोहे के पाइप और लकड़ी का प्रयोग किया गया और लोहे के मजबूत गर्डर नहीं लगवाए, जिससे पाइप कंक्रीट का वजन सह नहीं पाई और लिंटर गिर गया।
  • घटिया निर्माण: घायल मजदूरों ने बताया कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। लिंटर की मोटाई अधिक थी और शटरिंग भी ठीक से नहीं लगाई गई थी। रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि निर्माण सामग्री का सैंपल लिया गया है, जिसकी जांच कराई जाएगी।

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रेल मंत्री बोले- उच्चस्तरीय कमेटी करेगी जांच
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। उधर, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने के आदेश दिए है। जांच करने वाली कमेटी में मुख्य इंजीनियर, प्लानिंग एवं डिजाइन, अपर मंडल रेल प्रबंधक इज्जतनगर, मुख्य सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल को शामिल किया गया है।

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डीएम बोले- पर्याप्त संसाधन और उपकरण नहीं थे
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि हादसा रेलवे के क्षेत्र में हुआ है। इसलिए संपूर्ण जिम्मेदारी रेलवे की है। उन्होंने राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को समय से सूचना दी है। रास्ते में काफी समय लगा। तब तक नगर पालिका की टीम को लगाया गया। इस टीम के पास पर्याप्त संसाधन और उपकरण न होने की वजह से दिक्कत हुई। इस मामले की जांच प्रशासनिक स्तर से भी कराई जाएगी।   
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मिनट दर मिनट घटनाक्रम
2.10 : निर्माणाधीन भवन का लिंटर गिरा
2.38 : एसडीएम और शहर कोतवाल पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे-2.45 एएसपी अजय कुमार पहुंचे।
2.45 : घायलों को निकालकर अस्पताल भेजा गया
2.55 : सीओ सिटी कमलेश कुमार और अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस पहुंची
3.00 : नगर पालिका से जेसीबी को बुलाया गया
3.05: समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, एडीएम आशीष सिंह पहुंचे
3.10 : डीएम शुभ्रांत शुक्ल व एसपी विनोद कुमार मौके पर पहुंचे
4.30 : मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडयन व डीआइजी जोगिंदर कुमार
6.10 : एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची
6.40 : डीआरएम वीणा सिन्हा घटनास्थल पर पहुंची
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