मशहूर पान मसाला कंपनी कमला पसंद के मालिक कानपुर शहर के फीलखाना निवासी कमला कांत चौरसिया को गुटखा का कारोबार खूब रास आया। 80 के दशक में सड़क किनारे गुमटी में खुला पान मसाला बेचने वाले कमलाकांत आज अरबों के मालिक हैं। गुटखे के कई ब्रांड के अलावा आधा दर्जन से अधिक अन्य कारोबारों में अच्छा खासा दखल है। गुरुवार को सेंट्रल एक्साइज की टीम ने लखनऊ में कमला पसंद की फ्रेंचाइजी लेने वाले शख्स नंद किशोर को 147 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया तो कानपुर में इनके कारोबारी सफर की चर्चाएं आम हो गईं।
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कमलाकांत चौरसिया के जानने वाले बताते हैं कि 1985 के आसपास इन्होंने साधारण तरह का पान मसाला घर में ही बनाना शुरू किया था। इसे काहू कोठी में एक गुमटी में बेचते थे। इनके भाई बच्चा और आनंद किशोर चौरसिया इनके काम में मदद करते थे। धीरे धीरे इनके एक के बाद एक कई ब्रांड आते गए।
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बताते हैं कि वर्ष 2000 के बाद इन्होंने खूब तरक्की की। राजश्री गुटखा ने देश भर में पहचान बनाई। इसके बाद इनका रीयल एस्टेट और लोहा कारोबार भी खूब फला फूला। शहर में नयागंज स्थित लाल फाटक में इनका अभी भी ऑफिस है।
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सेंट्रल एक्साइज की टीम ने अक्तूबर माह में कानपुर के प्रमुख इस्पात कारोबारी योगेश अग्रवाल को 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की एक्साइज ड्यूटी चोरी करने के मामले में गिरफ्तार किया था। योगेश अग्रवाल अब जमानत पर हैं।
इसके अलावा पिछले दिनों कानपुर के किदवई नगर स्थित पान मसाला फैक्ट्री के मालिक सुमित अग्रवाल की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। इन पर बिना रजिस्ट्रेशन के फैक्ट्री चलाने का आरोप है।