ज्योति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रही हत्यारोपी मनीषा मखीजा सिर्फ तीन माह में ही जेल से बाहर आ जाएगी। ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी की प्रेमिका मनीषा मखीजा को सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई तक के लिए हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। मनीषा 20 अक्तूबर 2022 से जेल में है।
उसे ज्योति की हत्या और षड़यंत्र में शामिल होने का दोषी मानते हुए सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मनीषा की ओर से सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। मनीषा के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि घटना के समय मनीषा घटनास्थल पर मौजूद नहीं थी। उसके पास से कोई बरामदगी भी नहीं हुई है। पूरा मुकदमा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। पीयूष व मनीषा के अवैध संबंधों के कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं हैं।
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ज्योति हत्याकांड (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
बिना सबूतों के मनीषा पर षड़यंत्र रचने का आरोप मढ़ा गया है। वह महिला है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान भी वह जमानत पर थी। अपील पर फैसला आने तक उसे जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि मुख्य अभियुक्त पीयूष ने मनीषा के साथ मिलकर पत्नी ज्योति की हत्या का षड़यंत्र रचा।
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ज्योति हत्याकांड (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
सहअभियुक्त ने घटना में इस्तेमाल किया चाकू जिस मॉल से खरीदा था उसके सीसीटीवी फुटेज भी मिले थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अपील पर सुनवाई तक के लिए मनीषा को दो जमानतों और निजी मुचलका दाखिल करने पर जेल से रिहा करने के आदेश दे दिए हैं। मनीषा को रिहा होने के एक माह के अंदर जुर्माने की आधी धनराशि भी जमा करने के निर्देश दिए हैं।
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ज्योति हत्याकांड (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
यह है मामला
27 जुलाई 2014 को बिस्कुट व्यापारी ओमप्रकाश श्यामदासानी की बहू ज्योति श्यामदासानी की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में ज्योति के पति पीयूष पर अपनी प्रेमिका के चक्कर में पत्नी की हत्या करवाने का आरोप है।
21 अक्टूबर 2022 को अपर जिला जज प्रथम अजय कुमार त्रिपाठी ने पीयूष, मनीषा, उसके पूर्व ड्राइवर अवधेश व हत्या में शामिल रहे आशीष, सोनू व रेनू को हत्या का दोषी मानकर उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मनीषा पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था।