गंगा मैया को 'दिल की बीमारी', सरकार करा रही दंत रोग का इलाजः जल पुरुष
Wed, 07 Nov 2018 09:40 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
सार
- स्वामी सानंद की मौत के लिए प्रधानमंत्री ही जिम्मेदार
- गंगा सद्भावना यात्रा का धर्मनगरी में स्वागत
- मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने विशिष्ट कानून बनाने की मांग दोहराई
गंगा सद्भावना यात्रा का नेतृत्व कर रहे मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने गंगा नदी में बढ़ते प्रदूषण के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराया। आमरण अनशन करने वाले स्वामी सानंद की मौत का जिम्मेदार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ठहराकर कहा कि आजकल गंगा नदी आईसीयू में है। उसे हृदय रोग हुआ है और केंद्र प्रदेश सरकार उनके दांत के दर्द की दवा कर दिखावा कर रही है। धर्मनगरी पहुंचे राजेंद्र सिंह का स्वागत किया गया।
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मंगलवार धर्मनगरी पहुंचे मैग्सेेसे पुरस्कार प्राप्त सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा देश भर में खासकर यूपी उत्तराखंड में जमीन का पानी डिस्चार्ज हो रहा है और उसे रिचार्ज करने की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है। भूगर्भ जल संरक्षण के साथ गंगा नदी पर बने चार नए बांध को हटाने की जरूरत है। केंद्र व प्रदेश सरकार इस दिशा में कोई काम नहीं कर रही है। जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है। गंगा जैसी पवित्र नदी का जल उपयोग लायक नहीं बचा है। करोड़ों लोगाें की आस्था वाली गंगा नदी से सीधे नाले जुडे़ हैं। इन नालों को रोककर उसका शोधित पानी भी नदी में न गिराया जाए। इसका किसी अन्य कार्य में प्रयोग किया जाए।
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उन्होंने कहा कि गंगा को निर्मल व नियमित प्रवाह बनाए रखने के लिए 100 दिन से ज्यादा अनशन करने वाले स्वामी सांनद की मौत ने सबको हिला कर रख दिया है लेकिन देश के प्रधानमंत्री को कोई फर्क नहीं पड़ा। जो कहते हैं कि गंगा मैया ने उन्हेें बुलाया है। इस मौत के लिए प्रधानमंत्री ही दोषी हैं। स्वामी सानंद ने भी अपने पत्र मेें प्रधानमंत्री को ही उनकी मौत का दोषी ठहराया है। गंगा को बचाने के लिए कानून बनाने की मांग है और इसी विशिष्ट कानून से ही नदी के अस्तित्व को बचाया जा सकता है। इस मौके पर समाजसेवी रामधीरज सिंह, अभिमन्यु सिंह, अरविंद सिंह, राजकुमार सांगवान ,मंजू पाठक व सुरेश रायकवार आदि मौजूद रहे।
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मंदाकिनी के प्रदूषण पर सभी चितिंत
देश की सबसे पवित्र नदी गंगा के अविरल व निर्मल प्रवाह की मांग को लेकर निकली गंगा सद्भावना यात्रा धर्मनगरी पहुंची तो मंदाकिनी में बढ़े प्रदूषण को देख सभी चिंतिंत हो गए। धर्मनगरी से लेकर राजापुर तक जाने वाली नदी की धारा को अविरल बहने के लिए काम करने पर जोर दिया गया।
लोहदा व बनकट में मंदाकिनी नदी के सूखने के स्तर तक पहुंचने और प्रदूषण पर चिंता जताई। इस मौके पर यात्रा में मैग्सेसे पुरस्कार प्राप्त जल पुरुष राजेंद्र सिंह के अलावा हरियाणा, अलवर, महोबा व इलाहाबाद के प्रतिनिधि शामिल रहे।